June 18, 2021

वृतांत – Vritaant

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अब UP में भी कोरोना संक्रमण का लेवल जानने के लिए होगा सीरो सर्वे

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देश भर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे है। ऐसे में तेजी से बढ़ते प्रसार को देखकर का स्वास्थ्य विभाग हरकत में है। लोगो के बिच वायरस की प्रकृति व संक्रमण के स्तर का पता लगाने के लिए अगले महीने के शुरूआती दिनों से ही उत्तरप्रदेश राज्य में सीरोलॉजिकल सर्वे कराने की तैयारी है। जिसके तहत लोगों के रैंडम खून के नमूने लेकर एंटीबॉडी की जांच की जायेगी और पता लगाया जाएगा कि इनमे रोग प्रतिरोधक क्षमता का क्या स्तर है।

सूबे में सीरोलॉजिकल सर्वे कराने की संभावित तारीख 5 अगस्त से बताई जा रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग एक लाख किट खरीद रहा है, जिससे ये परीक्षण अलग-अलग जगह सम्पादित किया जा सके। शुरू में यह सर्वे आगरा, मेरठ के साथ ऐसे जिलों में करने की तैयारी है जहाँ पहले तो संक्रमण के मामले ज्यादा थे। लेकिन अब बीतते समय के साथ कम हो रहे है।

ऐसे जिलों में सर्वे के पीछे का वजह प्रतिरोधक क्षमता के बारे मे ज्यादा सटीक आंकड़े आने की गुंजाइश को बताया जा रहा है। इस बाबत प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि संक्रमण को आगे बढ़ने से रोकने या जोखिम के स्तर के बारे में वास्तविक डाटा का पता लगाने का एकमात्र तरीका लोगों में एंटीबॉडी की मौजूदगी का परिक्षण करना ही है।

उल्लेखनीय है कि अंतर्राष्ट्रीय स्टार पर भी सीरोलॉजिकल सर्वे को खूब तवज्जो मिल रहा है। सिरों सर्वे को एक निश्चित संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी के लेवल को मापने वाला विश्वसनीय तरीका माना जाता है। इस परिक्षण का उपयोग बड़े पैमाने पर टीकाकरण की जांच करने और लोगों की प्रतिरोधक क्षमता का स्तर देखे जाने के लिए भी किया जा सकता है।

इससे पहले देश में राजधानी दिल्ली, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में सीरो सर्वे के जरिये परिक्षण किया गया है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 75 हजार के पार पहुँच गया है। राज्य में अब तक 1587 लोगों की इस जानलेवा वायरस के चपेट में आने से मौत भी हो चुकी है। वहीं, कुल कोरोना संक्रमित मामलों में 46 हजार मरीज ऐसे है जो इलाज के बाद ठीक चुके है जबकि सूबे में अब भी एक्टिव मामलों की संख्या 32 हजार से अधिक है। मतलब इतनी ही संख्या अभी वैसे संक्रमित मरीजों की है जो फ़िलहाल इलाज करवा रहे है।