June 18, 2021

वृतांत – Vritaant

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चीनी कंपनी को भारतीय रेलवे का एक और झटका

India boycott Chinese Product, वृतांत - Vritaant

दिल्ली: गलवान घाटी में चीनी सेना से झड़प में 20 भारतीय सैनिकों की शहादत के बाद भारत ने देश में चल रहे चीन के कईं प्रोजेक्ट निरस्त कर दिये। अब भारतीय रेलवे ने पूर्वी डेडिकेटेड मालवाहक गलियारे के सिग्नल एवं दूरसंचार कार्य के लिए एक चीनी कंपनी को दिया गया ठेका भी काम की धीमी गति को लेकर शुक्रवार को रद्द कर दिया। पीटीआई के मुताबिक, यह कार्य कानपुर और मुगलसराय के बीच गलियारे के 417 किलोमीटर लंबे खंड पर किया जाना था। डेडीकेटेड फ्रेंट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) इस प्रोजेक्ट की अधिकृत एजेंसी है, इसके प्रबंध निदेशक अनुराग सचान ने शुक्रवार को यह निराकरण जारी करने की बात कही।

सचान ने कहा कि चीन ने बीजिंग नेशनल रेलवे रिसर्च एडं डिजाइन इंस्टिट्यूट ऑफ सिग्नल एंड कम्युनिकेशन ग्रुप को 14 दिन का नोटिस देने के बाद यह निरस्तीकरण पत्र जारी किया गया। यह वही ग्रुप है जिसको 2016 में 471 करोड़ रूपये का यह ठेका दिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि चीनी कंपनी को इस परियोजना से मन्द गति से चल रहे काम की वजह से 2019 के शुरु में ही हटाने का निर्णय ले लिया था।

भारतीय रेलवे की इस कार्यवाही की बौखलाहट से चीनी कम्पनी ने अब कोर्ट के दरवाजे जा पहुंची। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीनी कंपनी, रेलवे के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट चली गई है। चीनी कंपनी के करार को रद्द करने का यह कदम दोनों देशों के बीच गलवान घाटी पर तनाव बढ़ने के बाद लिया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, कंपनी तब तक महज 20 फीसदी ही काम कर पाई थी। DFCCIL ने इस साल अप्रैल में इस परियोजना के लिये फंडिंग कर रहे विश्व बैंक को यह टेंडर रद्द करने के अपने फैसले से अवगत कराया था।  सचान ने शुक्रवार को कहा “काम की धीमी गति के चलते हमने चीनी कंपनी को दिया गया ठेका रद्द कर दिया है, क्योंकि इस धीमी गति से हमारे कार्य में बहुत देरी हो गई। हमें अब तक उनसे (विश्व बैंक से) से NOC नहीं मिला है, लेकिन हमने उसे बता दिया कि हम ठेका रद्द कर रहे हैं और हम अपनी तरफ से इस काम के लिए पैसे देंगे।”