July 29, 2021

वृतांत – Vritaant

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दिल्ली दंगों में शामिल यह बुजुर्ग आरोपी अब दे रहा कोर्ट को अपने उम्र की दुहाई, कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज

नई दिल्ली। गत माह पूर्व दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के दौरान गिरफ्तार आरोपी एक बुजुर्ग को अदालत से राहत नहीं मिल सकी है। जेल में बंद इस आरोपी ने अपनी अधिक उम्र का हवाला देते हुए कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने कहा कि हिंसा का हिस्सा बनते समय तो उम्र याद नहीं रही, अब जेल में बुढ़ापा याद आ रहा है।

कड़कड़डूमा स्थित मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पुरुषोत्तम पाठक की अदालत ने इस बुजुर्ग की जमानत याचिका को खारिज कर दी है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि दिल्ली दंगों में अपनी 53 लोगों की जान चली जाने पर अब किसी भी आरोपी के खिलाफ नरमी बरतना उचित नहीं है। अन्य मामलों का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि दंगों में आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस को साक्ष्य जुटाने के लिए बहुत मशक्कत करनी पड़ती है लेकिन उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की इस हिंसा में आरोपियों को इलेक्ट्रॉनिक साधनों कि सहायता से शिकंजे में ले लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन की मदद से दिल्ली दंगो के आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली है।

आरोपी की तरफ से अदालत में लगाई गई जमानत याचिका में कहा गया था कि वह 65 साल से ज्यादा उम्र का है और कई बीमारियों जैसे- डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाइपरटेंशन आदि से ग्रस्त है। इसके साथ ही उसकी पत्नी भी 100 फीसदी दिव्यांग है। इस उम्र में उसे उसकी जरूरत है। आरोपी ने यह भी कहा कि जिनके घर जलाने का उस पर आरोप लगाया जा रहा है वह दशकों से उसके पड़ोस में रह रहे थे। इस पर अदालत ने कहा ” यही तो विडंबना है कि दशकों से साथ रहकर भी दंगाइयों को रहम नहीं आया।”

पुलिस ने अदालत को बताया कि यह आरोपी केवल एक नहीं बल्कि 12 जगहों पर हिंसा करने के मामलों में आरोपी है और आसपास के सभी थानों में इस बुजुर्ग के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने दंगों में इसके बेटे का भी आरोपी होना बताया। वहीं, अन्य कई मामलों को लेकर बुजुर्ग के खिलाफ जांच जारी है।

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