June 18, 2021

वृतांत – Vritaant

खबर, संवाद और साहित्य

74th Independence Day भारत के हेल्थ सेक्टर में नए क्रन्तिकारी परिवर्तन लाएगा नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन: PM Modi

74th Independence Day modi speech in hindi, वृतांत - Vritaant

नई दिल्ली। देश आज 74वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले के प्राचीर से देश को संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी अभी तक देश को लाल किले से 6 बार संबोधित कर चुके हैं। ये उनका लगातार 7वां भाषण है। पीएम मोदी ने 2014 में पहली बार देश को लाल किले से संबोधित किया था। प्रधानमंत्री लाल किले से क्या बोलते हैं, क्या घोषणाएं करते हैं, इस पर सबकी नजरें हैं। भाषण से पहले पीएम मोदी ने तिरंगा फहराया।

राष्ट्रीय ध्वज फहराने के तुरंत बाद ही पीएम को ‘राष्ट्रीय-गार्ड’ नेशनल-सैल्यूट दिया गया। राष्ट्रीय-गार्ड में तीनों सेनाओं और दिल्ली पुलिस के कुल 32 जवान हैं। थलसेना के ग्रेनेडियर रेजीमेंटल सेंटर के बैंड ने राष्ट्रगान की धुन बजाई।  इस बैंड का नेतृत्व सूबेदार-मेजर अब्दुल गनी ने किया. इसके तुंरत बाद 21 तोपों की सलामी दी गई। थलसेना की फील्ड-बैटरी ने ये सलामी दी। इसके बाद प्रधानमंत्री अब देश को संबोधित कर रहे हैं।

महामारी की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत में कोराना वायरस की एक नहीं, दो नहीं, तीन-तीन वैक्सीन इस समय टेस्टिंग के चरण में हैं। जैसे ही वैज्ञानिकों से हरी झंडी मिलेगी, देश की तैयारी उन वैक्सीन्स की बड़े पैमाने पर उत्पादन की भी है। देश के हर जरूरतमंद तक कम समय वैक्सीन को पहुंचाने की रूपरेखा भी तैयार है।

पीएम ने कहा कि आज से देश में एक और बहुत बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। ये है नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन। नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन, भारत के हेल्थ सेक्टर में नई क्रांति लेकर आएगा। आपके हर टेस्ट, हर बीमारी, आपको किस डॉक्टर ने कौन सी दवा दी, कब दी, आपकी रिपोर्ट्स क्या थीं, ये सारी जानकारी इसी एक हेल्थ आईडी में समाहित होगी।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने इस पावन पर्व पर, सभी को बधाई और बहुत-बहुत शुभकामनाएं दी और कहा कि उन सभी भारतीयों के योगदान को मैं श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं जो हमारी स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं और हमें सुरक्षित रखते हैं।

पीएम ने कहा अगले वर्ष हम अपनी आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर जाएंगे। एक बहुत बड़ा पर्व हमारे सामने है। कोरोना के इस असाधारण समय में, सेवा परमो धर्म: की भावना के साथ, अपने जीवन की परवाह किए बिना हमारे डॉक्टर्स, नर्से, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस कर्मी, सफाई कर्मचारी, पुलिसकर्मी, सेवाकर्मी, अनेकों लोग, चौबीसों घंटे लगातार काम कर रहे हैं।

74th Independence Day modi speech in hindi, वृतांत - Vritaant

इस अवसर PM ने कहा कि विस्तारवाद की सोच ने सिर्फ कुछ देशों को गुलाम बनाकर ही नहीं छोड़ा, बात वही पर खत्म नहीं हुई। भीषण युद्धों और भयानकता के बीच भी भारत ने आजादी की जंग में कमी और नमी नहीं आने दी। गुलामी का कोई कालखंड ऐसा नहीं था जब हिंदुस्तान में किसी कोने में आजादी के लिए प्रयास नहीं हुआ हो, प्राण-अर्पण नहीं हुआ हो।

पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया की बहुत बड़ी-बड़ी कंपनियां भारत का रुख कर रही हैं। हमें Make in India के साथ-साथ Make for World के मंत्र के साथ आगे बढ़ना है। इस शक्ति को, इन रिफॉर्म्स और उससे निकले परिणामों को देख रही है। बीते वर्ष, भारत में FDI ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भारत में FDI में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, ये विश्वास ऐसे ही नहीं आता है।

पीएम मोदी ने कहा कि उस कालखंड में विस्तारवाद की सोच वालों ने दुनिया में जहां भी फैल सकते थे, फैलने की कोशिश की, लेकिन भारत का आजादी आंदोलन दुनिया में एक प्रेरणा पुंज बन गया, दिव्य स्तंभ बन गया और दुनिया में आजादी की अलख जगी। मुझे विश्वास है कि भारत आत्मनिर्भर के सपने को चरितार्थ करके रहेगा। मुझे देश की प्रतिभा, सामर्थ्य, युवाओं, मातृ-शक्तियों पर भरोसा है। मेरा हिंदुस्तान की सोच-अप्रोच पर भरोसा है। इतिहास गवाह है कि भारत एक बार ठान लेता है तो, भारत उसे करके रहता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के बीच 130 करोड़ देशवासियों ने आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया। आत्मनिर्भर भारत देशवासियों के मन-मस्तिष्क में छाया है। ये आज सिर्फ शब्द नहीं रहा, बल्कि 130 करोड़ देशवासियों के लिए मंत्र बन गया है। आज दुनिया इंटर-कनेक्टेड है। इसलिए समय की मांग है कि विश्व की अर्थव्यवस्था में भारत का योगदान बढ़ाना चाहिए, इसके लिए भारत को आत्मनिर्भर बनना ही है। जब हमारा अपना सामर्थ्य होगा तो हम दुनिया का कल्याण भी कर पाएंगे।

पीएम ने कहा आज देश अनेक नए कदम उठा रहा है, इसलिए आप देखिए स्पेस सेक्टर को खुला कर दिया, देश के युवाओं को अवसर मिल रहा है। हमने कृषि क्षेत्र को बंधनों से मुक्त कर दिया। हमने आत्मनिर्भर भारत बनाने का प्रयास किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि तमाम प्राकृतिक आपदाओं के बाद भी देश ने अपना आत्मविश्वास नहीं खोया। देश को कोरोना के प्रभाव से बाहर निकालना हमारी प्राथमिकता है। हमारे यहां शास्त्रों में कहा गया है-सामर्थ्य्मूलं स्वातन्त्र्यं, श्रममूलं च वैभवम्.. किसी समाज, किसी भी राष्ट्र की आज़ादी का स्रोत उसका सामर्थ्य होता है, और उसके वैभव का, उन्नति प्रगति का स्रोत उसकी श्रम शक्ति होती है।

74th Independence Day modi speech in hindi, वृतांत - Vritaant

पीएम ने कहा, “देश के सामान्य नागरिक की मेहनत, उसके परिश्रम का कोई मुकाबला नहीं है। बीते 6 वर्षों में देश में मेहनत करने वाले लोगों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई गई हैं। बिना किसी भेद-भाव के, पूरी पारदर्शिता के साथ सभी लोगों को कई योजनाओं के द्वारा मदद पहुंचाई गई है।”