July 29, 2021

वृतांत – Vritaant

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बिहार NDA में दरार? चिराग बोलें- बिहार में उसी गठबंधन के साथ रहेंगे जो चुनाव से पहले कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाये

बिहार एनडीए के साझेदारों में सब कुछ ठीक नहीं है। एक अंग्रेजी अख़बार को दिए साक्षात्कार में चिराग पासवान(Chirag Paswan) ने साफ़ कर दिया है कि वे अपने बातों पर अडिग है।

लोजपा सुप्रीमो चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने साफ़ तौर पर कहा है कि बिहार में अब किसी एक व्यक्ति का एजेंडा नहीं चलने वाला है। एनडीए की तीन पार्टियां अगर साथ मिल कर चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) लड़ने जा रही हैं तो एजेंडा भी तीनो का होगा। यानि कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाना होगा। वह भी चुनाव से पहले। इस दौरान चिराग पासवान ने एक बार फिर बिहार में फ़िलहाल चुनाव टाल देने की मांग की है। बता दें कि इससे पहले भी तेजस्वी यादव के चुनाव टालने की मांग पर चिराग पासवान ने सहमती जताई थी। जबकि एनडीए की ही साझेदार और नीतीश कुमार की पार्टी जदयू चुनाव कराने के पक्ष में है।

एक अंग्रेजी समाचार पत्र को दिए साक्षात्कार में चिराग पासवान ने कहा कि बिहार में NDA या ऐसे किसी गठबंधन की सरकार बनेगी जिसमें लोक जनशक्ति पार्टी शामिल होगी तो कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के आधार पर बनेगी और चलेगी। लोजपा सुप्रीमो ने कहा कि हर गठबंधन सरकार कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर चल रही है। ये अलग बात है कि बिहार में रातों रात मुख्यमंत्री ने महागठबंधन छोड़कर एनडीए का दामन थाम लिया। चिराग पासवान ने कहा कि अब भी सरकार उसी एजेंडे पर चल रही है जो आरजेडी-कांग्रेस और जेडीयू यानि महागठबंधन का एजेंडा था।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार(Bihar CM Nitish Kumar) की बहुमुखी सात निश्चय योजना को लेकर किये सवाल के जवाब में चिराग पासवान ने कहा कि यह उनका एजेंडा नहीं हो सकता। ये एनडीए का भी एजेंडा नहीं है। ये वो एजेंडा है जिसे आरजेडी, जेडीयू और कांग्रेस ने मिलकर बनाया था। यही मेरे लिए चिंता का कारण है। मैं अपना एजेंडा चाहता हूं जो एनडीए का एजेंडा हो।

चिराग पासवान ने दो टूक कह दिया कि वे बिहार में उसी गठबंधन के साथ रहेंगे जो चुनाव से पहले कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाये। उन्होंने कहा कि वे ऐसी किसी सरकार में क्यों शामिल होंगे जिसमें उनके एजेंडे का नोटिस ही नहीं लिया जाये या उनकी उपेक्षा की जाये। चिराग पासवान ने सवालिया लहजे में कहा कि चुनाव बाद की कौन जानता है। जो आज नहीं पूछ रहे हैं वो चुनाव होने के बाद क्या पूछेंगे। अब देखना ये है की ऊँठ किस करवट बैठता है।

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