July 29, 2021

वृतांत – Vritaant

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बेंगलुरु में 200 करोड़ रूपये का जीएसटी धोखाधड़ी का भंडाफोड़, 4 लोग हुए गिरफ्तार

अलग-अलग मामलों में 200 करोड़ रूपये से अधिक की कर धोखाधड़ी करने वाले चार लोगो को पिछले कुछ हफ्तों में गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कथित तौर पर कुछ वर्षो में 1000 करोड़ रुपये की फर्जी सेवाओं के लिए चीनी लोगो सहित बहुराष्ट्रीय कम्पनियो के लिए नकली चालान बनाये। यह हाल के दिनों में जीएसटी ख़ुफ़िया महानिदेशालय की बेंगलुरु जोनल यूनिट द्वारा शहर में किये गये सबसे बड़े माल और सेवा कर (जीएसटी) धोखाधड़ी में से एक है। धंधेबाजों ने मुंबई स्थित चीनी फर्मो सहित कई जगहों पर छापे मारे और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से संबंधित दस्तावेज जब्त किये। कुल कर धोखाधड़ी की गणना अभी भी जारी है।

ख़ुफ़िया विंग के सूत्रों के अनुसार दिल्ली के कमलेश मिश्रा ने फर्जी फर्मो के नाम पर 500 करोड़ रूपये के फर्जी चालान बनाये। मिश्रा ने देश भर के गरीब व्यक्तियों के नाम से 23 कम्पनिया मंगाई, जिनमे बेंगलुरु में कुछ ऐसे भी थे जिनके पास पैन और आधार कार्ड था। एक अधिकारी ने कहा कि उन्होंने अपने दस्तावेज का उपयोग करने के लिए अपने नाम से कंपनियों को शुरू करने के लिए 80 करोड़ रूपये के नकली चालान बनाये। मिश्रा ने दिखाया कि उन्होंने अपनी काल्पनिक फर्मो में उच्च लाभ के लिए उत्पाद बेचे और उन्हें बिलो से छूट और बड़े ऋण प्राप्त करने में मदद करने के लिए एक बड़े कारोबार का अनुमान लगाया। बेंगलुरु के एक अधिकारी ने कहा कि हमने छापेमारी की और उन व्यक्तियों की पहचान की जिन्हे मिश्रा ने फर्जी कंपनियों में निदेशक बनाया और जीएसटी धोखाधड़ी का पता लगाने के बाद हमने उन्हें गिरफ्तार किया।

बेंगलुरु व्यवसायी बिलडुगु कृष्णैया ने कुछ चीनी पुरुषो के साथ मिलीभगत कर जम्प मंकी प्रमोशन इंडिया लिमिटेड नामक एक फर्म बनायीं थी। फर्म के माध्यम से कृष्णैया ने भारत भर में अच्छी तरह से स्थापित चीनी फर्मो के लिए फर्जी चालान जारी किये जिसमे दावा किए गया है कि उन्होंने सामान या सेवाएं बेचीं है और एक किकबैक के रूप में उन्होंने चाइना कंस्ट्रक्शन सोसम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और क्वाइल कंस्ट्रक्शन द्वारा भेजे गए 53 करोड़ रूपये प्राप्त किये। इंटेलिजेंस अधिकारी ने कहा कि उन्होंने वीचैट मैसेंजिंग सेवा के माध्यम से उनके साथ बातचीत की और चीनी व्यक्तियों के लिए बड़ी रकम के लिए क्रिप्टोकोर्रेंसी खरीदारी भी की। बेंगलुरु स्थित बेन स्टार पावर टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का कर्नाटक में विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों के पक्ष में नकली चालान जारी करने के लिए पर्दाफाश किया गया था।

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