July 29, 2021

वृतांत – Vritaant

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अशोक गहलोत ने कपिल सिब्बल पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओ की भावनाओ को आहत किया है

कांग्रेस नेता और राजस्थान के मुख्य मंत्री अशोक गहलोत ने कहा सोमवार को कपिल सिब्बल की खिचाई की और कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता को मीडिया में  पार्टी के आंतरिक मुद्दों पर चर्चा करने की कोई आवश्यकता नहीं है। अशोक गहलोत ने ट्वीट की एक शृंखला में कहा कि कपिल सिब्बल के इस कदम से देश भर में पार्टी कार्यकर्ताओ की भावनाओ को ठेस पहुंची है और दावा किया कि आज भी कांग्रेस एकमात्र ऐसी पार्टी है जो इस राष्ट्र को एकजुट रख सकती है और इसे व्यापक विकास के पथ पर आगे ले जा सकती है।

कांग्रेस ने 1969, 1977, 1989 और बाद में 1996 सहित विभिन्न संकटो को देखा है। राजस्थान के मुख्य मंत्री ने दावा किया कि हर बार हम अपनी विचारधारा, कार्यक्रमों, नीतियों और पार्टी नेतृत्व में दृढ विश्वास के कारण मजबूत हुए। यह कहते हुए कि कांग्रेस ने प्रत्येक संकट में सुधार किया है और 2004 में सोनिया गाँधी जी के कुशल नेतृत्व में यूपीए सरकार का गठन किया। गहलोत ने कहा कि हम इस बार भी इसे दूर करेंगे। चुनावी हार के विभिन्न कारण है लेकिन हर बार कांग्रेस पार्टी की रैंक और फाइल को अविभाजित दिखाया गया है और पार्टी नेतृत्व में दृढ विश्वास और सही कारण है कि हम हर संकट के बाद इससे मजबूत और एकजुट हुए।

गहलोत सिब्बल द्वारा की गयी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिन्होंने एक बार फिर पार्टी नेतृत्व के कामकाज पर सवाल उठाया था। सिब्बल उन 23 नेताओ  में से एक थे जिन्होंने पत्र लिखकर पार्टी में व्यापक सुधार लाने की मांग की। यह मानते हुए कि वह सार्वजनिक रूप से बोलने के लिए मजबूर थे क्योकि पार्टी के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए पार्टी में कोई मंच नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को चुनाव प्रबंधन के लिए कुशल और वरिष्ठ नेताओ की आवश्यकता है। बिहार विधान सभा चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के साथ-साथ विभिन्न राज्यों में उपचुनाव की कड़ी के रूप में आने वाले उनके बयानों को टीम राहुल गाँधी पर एक स्पष्ट हमले के रूप में देखा जाता है जिनकी चुनावी टीम चुनाव प्रक्रिया में शामिल थी। उन्होने यह भी नाखुशी व्यक्त की कि पार्टी के किसी भी वरिष्ठ नेता ने बिहार के नेताओ पर बात नहीं की थी।

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