June 18, 2021

वृतांत – Vritaant

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भारत बायोटेक की ‘कोवेक्सीन’ के शुरुवाती परीक्षणों में ‘विपरीत’ प्रभाव के कारण अस्पताल में भर्ती कराने का कारण बनी

bharat biotech covexine caused adverse effect, वृतांत - Vritaant

भारत कोवेक्सीन के लिए उत्सुकता से इंतजार कर रहा है, स्वदेशी तौर पर बनी कोविद-19 वैक्सीन, जो उड़ीसा में अपने तीसरे चरण के परीक्षणों के साथ शुरू हुई। जैसा कि केंद्र एक मेगा ड्राइव के लिए तैयार कर रहा है, वैक्सीन निर्माता ने हाल ही में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया को एक प्रतिभागी के बारे में बताया जो प्रारम्भिक चरणों में प्रतिकूल प्रतिक्रिया विकसित कर रहा है। वैक्सीन की प्रतिकूल प्रतिक्रिया के कारण स्वयंसेवक को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। हालाँकि कंपनी के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि प्रतिभागी द्वारा विकसित स्वास्थय मुद्दा वैक्सीन की खुराक के कारण नहीं था।

आईई को एक ईमेल के जवाब में कोवेक्सीन वैक्सीन बनाने वाले भारत बायोटेक ने कहा कि प्रतिभागी के साथ प्रतिकूल प्रतिक्रिया उसके पहले परीक्षण के दौरान हुई थी जो अगस्त 2020 में आयोजित टीके के साथ हुई थी। प्रतिभागी वायरल न्युमोनाइटिस से पीड़ित था और अस्पताल में भर्ती था। यह मामला सभी दिशानिर्दशों के बाद, प्रायोजक और सीडीएससीओ-डीसीजीआई, साइट अचार समिती, डाटा सुरक्षा निगरानी बोर्ड (डीएसएमबी) को इसकी घटना के 24 घण्टे के भीतर सूचित किया गया। भारत बायोटेक कोवेक्सीन को आईसीएमआर – नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ वायरोलॉजी (एनआईवी) के सहयोग से विकसित कर रहा है।

अपने तीसरे चरण में, यह 25 केन्द्रो में 26,000 प्रतिभागियों के साथ भारत में एक कोविद-वैक्सीन का अपना सबसे बड़ा नैदानिक परिक्षण कर रहा है। इस अंतिम चरण में प्रत्येक प्रतिभागी को दो खुराक दी जाएगी, जो मूल्यांकन करेगा कि क्या वास्तव में कोविद-19 के विकास को रोकने में सक्षम है। हालाँकि वैक्सीन निर्माता ने अन्य प्रश्नो का जवाब नहीं दिया जैसे कि घटना के घटित होने के बाद वे वैक्सीन परीक्षण रोक देते है। इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रीसर्च के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव और डीजीसीआई डॉ. वीजी सोमानी ने भी कोवेक्सीन के चरण 1 के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया। इससे पहले जॉनसन एंड जॉनसन और एस्ट्राजेनेका ने टीका परीक्षण और भर्ती को अंतिम चरण में रोक दिया था, क्योकि उनके प्रतिभागियों ने अप्रत्याशित गंभीर मुद्दों को विकसित किया था। जांचकर्ताओं ने पुष्टि की कि टीके की खुराक से स्वास्थय संबंधी मुद्दे जुड़े हुए नहीं थे।