June 25, 2021

वृतांत – Vritaant

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कंगना रनौत ने आईपीएस अधिकारी डी रूपा को अयोग्य और अवांछनीय कहा, साथ ही उन्हें निलंबित करने की मांग की

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बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने डी रूपा पर पटाखे फोड़ने की अपनी टिप्पणी को लेकर डी रूपा मोदगिल पर हमला किया है और उन्हें निलंबित करने का आह्वान करते हुए कहा है कि उनके जैसे पुलिस अधिकारी पुलिस बल के नाम पर शर्मसार है। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी के खिलाफ कंगना रनौत ने ट्वीट करते हुए उन पर हमला बोला है। यह कई राज्यों में सरकारों द्वारा दिवाली के दौरान पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगाने के बाद शुरू हुआ। 14 नवंबर को एक ट्वीट में बेंगलुरु पुलिस अधिकारी ने अपने फेसबुक पोस्ट को शेयर करते हुए कहा कि पटाखे फोड़ना हिन्दू परम्परा का हिस्सा नहीं था क्योकि धार्मिक शास्त्रों और महाकाव्यों में इसका कोई उल्लेख नहीं था।

यह कथन ट्रू इंडोलोजी के द्वारा लड़ा गया जिन्होंने चुनौती स्वीकार कर ली और बात को साबित करने के लिए ग्रंथो का हवाला दिया लेकिन मोदगिल को समझने में असफल रहे। जैसे ही दोनों के बीच बहस हुई, ट्विटर ने ट्रू इंडोलोजी के हैंडल को निलंबित कर दिया। कंगना ने अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट करते हुए कहा कि उसे निलंबित कर दिया जाना चाहिए, ऐसे पुलिस बल के नाम से शर्म की बात है। इसके साथ कंगना ने हैशटैग शेम ऑन यु रूपा और हैशटैग ब्रिंग बैक ट्रू इंडोलोजी का भी प्रयोग किया। कंगना ने आगे ट्ववीट में कहा कि आरक्षण के साइड इफ़ेक्ट है, जब अयोग्य और अवांछनीय शक्ति प्राप्त करते है तो केवल चोट नहीं पहुंचाते है। मुझे उनके व्यक्तिगत जीवन के बारे में कुछ भी पता नहीं है लेकिन मैं गारंटी देती हूँ कि उनकी हताशा उनकी अक्षमता से उपजी है।

रनौत #bringbackTrueIndology  के साथ ट्रू इंडोलोजी के समर्थन में भी सामने आयी। ट्वीट्स की एक शृंखला में अभिनेत्री ने पुलिस अधिकारी को तामसिक होने और अपने काम के घंटो के दौरान स्पॉट में लिप्त होने के लिए नारा दिया। कंगना ने आगे ट्वीट करते हुए लिखा कि सरकार आम लोगो के मौलिक अधिकारों की रक्षा करने के लिए डी रूपा जैसे लोगो की नियुक्ति करती है लेकिन ऐसे लोगो के अवगुणो के कारण ही आम आदमी के मौलिक अधिकारों का खंडन होता है। उन्होंने ट्विटर और इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी जैक डोरसे से भी इस बात पर सवाल किया और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय को टैग करते हुए सोशल मीडिया साइट के खिलाफ कार्यवाही की मांग की।

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