June 17, 2021

वृतांत – Vritaant

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अक्षय पुण्य देने वाला मार्ग शीर्ष माह आरम्भ

Jyotishi anu garg, वृतांत - Vritaant

।।ॐ श्री गणेशाय नमः ।।

देवकीनंदनं कृष्णं जगदानंद कारकम ।
भुक्ति मुक्ति प्रदं वन्दे माधवं भक्तवत्सलं ।।

1 दिसंबर 2020 से सनातन धर्म का पावन माह मार्गशीर्ष शुरू हो रहा है। ये माह बुहवर 30 दिसंबर तक रहेगा। इसे अगहन मास भी कहते हैं। पुराणों के अनुसार इस महीने को भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप कहा गया है भगवन श्री कृष्ण ने स्वयं कहा है “मासानां मार्गशीर्ष अहम्”। इस माह में भगवन कृष्ण भगवन विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है। इस माह की प्रत्येक तिथि पुण्य देने वाली है

भगवान् कृष्ण को भगवान विष्णु को गोपी चन्दन का तिलक प्रतिदिन मस्तक पर लगाए और अपने मस्तक पर लगाएं।
इस माहमें तुलसी की माला भगवन को अर्पण करें और प्रसाद स्वरूप स्वयं धारण करें जिस के कंठ में तुलसी की माला होती है उसको नरक के कष्ट नहीं भोगने पड़ते।

इस माह में आंवले का भी बहुत महत्व है भगवान् को आवला अर्पित की जिए यदि हो सके तो आवला की माला भी अर्पण कर सकते है।

भगवन विष्णु को बेला केतकी चंपा भ्रींराज तुलसी के पात्र और पुश अर्पण करने चाहीये। इस माह में लाल सफ़ेद नील कमल भगवन को अर्पण करने का विशेष महत्त्व है

इस माह में सुखी तुलसी की काष्ठ का चन्दन बना कर भगवन को तिलक करें और स्वयं को भी।
मधुराष्टक का पाठ प्रतिदिन करें।

मार्गशीर्ष माह में पुराणों के अध्ध्य्यन का बड़ा महत्त्व है आप अपनी श्रद्धा अनुसार किसी भी पुराण को ले सकते है।
माह के महत्ताम की पुस्तिका लेकर उसको भी अध्ययन अवश्य करें
यथोचित दान धर्म स्थल में गरीबो में वितरण करें। धर्मिक पुस्तकों पुराणों का दान भी श्रेष्ठ होगा।
विष्णु सहस्त्र नाम जेंडर मोक्ष अनुस्मृति गीता जी भीष्मस्तवराज ये पांच स्तोत्र मुझे अतिशय प्रिय है ये स्वयं भगवान के वचन हैं।
इसके साथ ही सबसे महत्पूर्ण कार्य यह है की मनसा वाचा कर्मणा पापो से दूर रहें।

इस माह की प्रत्येक तिथि शुभ है है पुण्य देने वाली है इस माह की कुछ तिथि पंचांग यहाँ बताई जा रही है

प्रतिपदा से नया हिन्दी माह अगहन शुरू हो रहा है।
चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी व्रत रहेगा। इस तिथि पर गणेशजी के लिए विशेष व्रत किया जाता है।

उत्पन्ना एकादशी। इस दिन भगवान विष्णु के लिए व्रत-उपवास किए जाते हैं। एकादशी पर विष्णुजी के अवतारों की पूजा करने की परंपरा है। इस दिन एकादशी का उद्यापन किया जाता है।

अगहन मास की अमावस्या तिथि। इस दिन पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध कर्म करने की परंपरा है।
शुक्ल पक्ष चतुर्थी । इस दिन गणेशजी के लिए पूजा-पाठ करनी चाहिए।

श्रीराम और सीता का विवाह उत्सव है। इसे विवाह पंचमी भी कहते हैं। इस दिन श्रीराम और सीता की पूजा करनी चाहिए। सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ भी कर सकते हैं।

मोक्षदा एकादशी। इस दिन गीता जयंती मनाई जाती है। मान्यता है कि इसी तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। इस तिथि पर गीता का पाठ करना चाहिए और श्रीकृष्ण का पूजन करें।

मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा है, इसे दत्त पूर्णिमा कहते हैं। इस दिन भगवान दत्तात्रेय की पूजा करनी चाहिए।
स्नान दान की पूर्णिमा है और अगहन मास का अंतिम दिन है। इस तिथि पर पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए और दान करना चाहिए।

।। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ।।

ज्योतिषी अनु गर्ग,
गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश