June 18, 2021

वृतांत – Vritaant

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पीएम नरेंद्र मोदी सैनिको के साथ दिवाली मनाने के लिए राजस्थान के लोंगेवाला पोस्ट पर पहुंचे

pm modi in longewala post, वृतांत - Vritaant

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी सैनिको के साथ दिवाली मनाने के लिए शनिवार सुबह राजस्थान की सीमा पर लोंगेवाला चौकी पहुंचे। प्रधान मंत्री 2014 से सैनिको के साथ दिन बिता रहे है, जिस साल वे पहले बार सत्ता में आये थे। प्रधान मंत्री के साथ चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ जनरल विपिन रावत, आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवाना और बॉर्डर सिक्योरिटी फाॅर्स (बीएसएफ) के डीजी राकेश अस्थाना भी शामिल हुए है। इससे पहले दिन में प्रधान मंत्री नरेंद्र ने ट्वीट कर देश को बधाई दी और लोगो के जीवन में चमक और ख़ुशी लाने के लिए कामना की। उन्होंने लिखा कि सभी को हैप्पी दिवाली की बधाई ! यह त्यौहार आपको और अधिक उज्जवलता और प्रसन्नता दे। हर कोई समृद्ध और स्वस्थ रहे।

शुक्रवार को प्रधान मंत्री ने अपने मासिक रेडिओ कार्यक्रम मन की बात, जो कि 25 अक्टूबर को दिया गया था से एक वीडियो क्लिप भी साझा की, जिसमे उन्होंने प्रत्येक नागरिक से सैनिको को सलामी के रूप में दिया जलाने का आग्रह किया जो हमारे देश की निडर होकर रक्षा करते है। इस दिवाली आइये हम भी एक सलामी के रूप में दिया जलाये जिससे सैनिको को भी उनके देशवासियो पर गर्व हो। शब्द हमारे सैनिको के प्रति उनके अनुकर्णी साहस के लिए उनके प्रति आभार की भावना के साथ न्याय नहीं कर सकते। हम सीमाओं पर उन लोगो के परिवारों के भी आभारी है।

2019 में प्रधान मंत्री मोदी ने राजौरी और पठानकोट एयरबेस में ‘हॉल ऑफ़ फेम’ का दौरा किया था। 2018 में उन्होंने केदारनाथ का दौरा किया था और भारत-चीन सीमा पर एक सैन्य चौकी का निरिक्षण किया और 2017 में उन्होंने उत्तरी कश्मीर के गुरेज सेक्टर का दौरा किया। उन्होंने 2016 में हिमाचल प्रदेश में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के साथ अपनी दिवाली बितायी और 2015 में उन्होंने पंजाब की सीमा का दौरा किया। इस साल प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के लोंगवाला पोस्ट पर सैनिको के साथ दिवाली मनाने के लिए पहुंचे है। लोंगेवाला पोस्ट पश्चिमी सीमा पर एक ऐतहासिक पोस्ट है जहा 1971 की लड़ाई की पहली बड़ी लड़ाई जिसे लोंगेवाला की लड़ाई के रूप में जाना जाता है, लड़ी गयी थी। राजस्थान की यह सीमा पाकिस्तान के साथ लगती है। पीएम नरेंद्र मोदी सैनिको के साथ समय बिताकर उनके हौसले बुलंद करने का काम करते है। देश के सबसे बड़े त्यौहार पर अपने परिवार से दूर सैनिको के लिए यह खुशिया बिखेरने वाला अवसर है।