July 29, 2021

वृतांत – Vritaant

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ट्राई ने जिओ, एयरटेल और बीएसएनएल पर नेटवर्क फिशिंग केस में जुर्माना लगाया

दूरसंचार नियामक ने भारती एयरटेल लिमिटेड, भारत संचार निगम लिमिटेड ( बीएसएनएल), रिलायंस जिओ इंफोकॉम लिमिटेड सहित अन्य पर जुर्माना लगाया है क्योकि उन्होंने उनके नेटवर्क में ब्लॉक फिशिंग गतिविधियों में विफलता के कारण जारी किये गए नोटिस का उचित जवाब नहीं दिया था। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने वोडाफोन आईडिया लिमिटेड, महानगर टेलीकॉम लिमिटेड (एमटीएनएल) और टाटा टेलेसेर्विसेस को वन 97 कम्युनिकेशन्स लिमिटेड जो की पेटीएम की जनक कम्पनी है के मामले में जुर्माना लगाया है।

जून में वन 97 ने टेलीकॉम, ट्राई और केंद्र के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायलय का रुख किया था, जो उन लोगो को नहीं रोक सकता था जो मोबाइल नेटवर्क पर गतिविधियों की फिशिंग करके अपने ग्राहकों को धोका दे रहे थे। ट्राई द्वारा दिल्ली उच्च न्यायलय में दायर एक हलफनामे के अनुसार बीएसएनएल को 30 करोड़ का उच्चतम जुर्माना लगाया गया है। उद्योग अधिकारियो के अनुसार, लगभग 60-70% धोखाधड़ी वाले सन्देश और ग्राहकों को फिशिंग के प्रयास बीएसएनएल नेटवर्क पर हुए है। दूरसंचार वाणिज्यिक संचार ग्राहक वरीयता विनिमय (टीसीसीसीपीआर), 2018 के नियमन 27 के अनुसार ट्राई ने सोमवार को दायर हलफनामे में कहा कि प्राधिकरण किसी भी एक्सेस प्रदाता पर वित्तीय निरोधात्मक कार्यवाही कर सकता है यदि वह अपने नेटवर्क के माध्यम से अनैतिक रूप से वाणिज्यिक संचार (यूसीसी) पर अंकुश लगाने में विफल रहता है।

हालाँकि ट्राई अपने नेटवर्क पर फिशिंग गतिविधियों को रोकने के लिए प्रयाप्त समय दिए बिना दूरसंचार ऑपरेटरो पर जुर्माना नहीं लगा सकता है। जबकि बीएसएनएल को यूसीसी दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए दो बार कारण जानने के लिए नोटिस जारी किया था, अन्य टेलीकॉम ऑपरेटरो को 1 अक्टूबर को इस बारे में पूछा गया था। बीएसएनएल और अन्य टेलीकॉम ऑपरेटरो द्वारा यूसीसी पर अंकुश लगाने में विफलता के कारण जुर्माना भुगतना पड़ रहा है। सितम्बर में प्रोधोगिकी उद्योग निकाय, इंटरनेट और मोबाइल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (आईएएमआईए) ने फोनपे और मोबिक्विक सहित अन्य डिजिटल फिनटेक के साथ, दिल्ली हाई कोर्ट में एक पार्टी बनने के लिए एक हस्तक्षेप अपील दायर कि।

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