July 29, 2021

वृतांत – Vritaant

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भाजपा ने राजस्थान के पंचायती राज चुनावो में अपनी पकड़ मजबूत की है

राजस्थान में हुए पंचायती राज चुनावो में भाजपा ने कांग्रेस से अधिक दबदबा बनाया है। राजस्थान में कांग्रेस सरकार होने के बावजूद कांग्रेस ज्यादा सीटे जितने में नाकामयाब हुई है। इसके अलावा भाजपा ने प्रदेश में अपनी सरकार नही होने के बावजूद अपनी चुनावो में अपनी पकड़ को मजबूत किया है। यह पहली बार जब किसी प्रदेश में राज करने वाली सरकार को ग्रामीण चुनावो में बहुमत नहीं मिला है। राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार होने के बावजूद भाजपा कांग्रेस से अधिक बहुमत हासिल करने में कामयाब हुई है। भाजपा ने राजस्थान में 20 जिला प्रमुख पदों में से 12 पर जीत हासिल करके पंचायती राज राजनीती पर अपनी पकड़ मजबूत रखी है। कोंग्रेस को केवल 5 ही पद प्राप्त हुए है जबकि 3 पद निर्दलीय प्रत्याशिओं ने जीते है।

बाड़मेर और जैसलमेर को छोड़कर अधिकांश जिलों में चुनाव भारी मतों के साथ सम्पन्न हुए। प्रधान के चुनावो में भाजपा ने 98 पदों पर जीत दर्ज की, कांग्रेस ने 97 और अन्य ने 26 पदों पर अपना कब्ज़ा जमाया है। भाजपा ने भीलवाड़ा, चित्तौडग़ढ़, चूरू, जैसलमेर, जालोर, नागपुर, झुंझुनू, पाली, सीकर, राजसमन्द, टोंक, और उदयपुर के पंचायती चुनावो में जीत हासिल किया है जबकि कांग्रेस केवल बांसवाड़ा, बाड़मेर, बीकानेर, प्रतपगढ़ और हनुमानगढ़ में ही जीत हासिल कर पायी है। इसके अलावा अजमेर, बूंदी और डूंगरपुर जिलों में स्वंतंत्र रूप से चुने गए प्रतिभागियों ने जीत हासिल की है। इससे पहले इन 20 पदों पर साल 2015 में हुए चुनावो में भाजपा ने 13 और कांग्रेस ने 7 पदों पर अपना कब्ज़ा जमाया था। भाजपा ने इस बार भी अपना दबदबा कायम रखा है जबकि कांग्रेस ने इस बार भी बहुत खराब प्रदर्शन किया है।

भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों को सीमावर्ती जिलों बाड़मेर और जैसलमेर में क्रॉस वोटिंग का खामियाजा भुगतना पड़ा है। क्रॉस वोटिंग के कारण बाड़मेर में जिला प्रमुख की सीट को कांग्रेस ने ले लिया और जैसलमेर में कांग्रेस की सीट को भाजपा ने हथिया लिया। इसी तरह क्रॉस वोटिंग ने जैसलमेर में मुकाबले का नतीजा बदल दिया, जहा भाजपा को 8 सीटों के साथ कांग्रेस के द्वारा हराये जाने की उम्मीद थी, जिसमे कुल 17 समितियों में से 9 सीटे थी। लेकिन भगवा पार्टी के उम्मीदवार ने 12 वोटो से जीत हासिल कर ली। राजनितिक विशेषज्ञों ने चुनावो में खराब प्रदर्शन के लिए घुसपैठ को दोषी ठहराया है। कांग्रेस द्वारा अपनी सरकार वाले राज्य में बुरी तरह हार मिलने पर विधायकों पर इसकी गाज गिर सकती है। कांग्रेस पार्टी में फ़िलहाल सबकुछ बिखरा हुआ नजर आ रहा है क्योकि इसके कारण पार्टी हर चुनावो में पीछे होती जा रही है।

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