July 29, 2021

वृतांत – Vritaant

खबर, संवाद और साहित्य

आखिर आतंकवाद फैलाने वाला पाकिस्तान बॉलीवुड को क्यों लगता है अमन पसंद देश ?

दुनिया में सबसे ज्यादा फिल्मे हमरे देश भारत में बनती है जिनमे सबसे ज्यादा फिल्मे बॉलीवुड से होती है। बॉलीवुड में हर साल कई सैकड़ो फिल्मे बनती है। हम हमेशा से ये देखते आ रहे है देश में जितने भी आतंकवादी हमले या आतंकी घटनाये होती है उसमे सबसे बड़ा हाथ पाकिस्तान का होता है। पाकिस्तान हमेशा से ही आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश रहा है और अपने देश में कई आतंकियों को पनाह भी दी जो भारत के खिलाफ हमला करने की साजिश रखते है। इसके विपरीत हमारे देश की फिल्म इंडस्ट्री बॉलीवुड को पाकिस्तान बहुत ही अमन पसद देश लगता है जो हमारी तरह ही आतंकवाद से लड़ रहा है। बॉलीवुड अपनी फिल्मो में हमेशा से पकिस्तान को बहुत ही अमन पसंद देश के रूप में दिखता आया है। जिस देश हमारे हिन्दू समुदाय पर आये दी अत्याचार होता है और जहा जबरन धर्म परिवर्तित करवा के हिन्दू लड़कियों की शादी कर दी जाती है, ऐसे देश को बॉलीवुड अपनी फिल्मो में बहुत ही मासूम और सबका भला सोचने वाले देश के रूप में दिखता है। आखिर पूरी दुनिया की नजरो में जो पाकिस्तान एक आतंकवादी देश है और जो हमारे भारत देश में आतंकवाद फैलाने की कोशिश करता है ऐसा पाकिस्तान बॉलीवुड की नजरो में इतना अच्छा क्यों है ?

हाल ही में कुछ दिन पहले बॉलीवुड की एक फिल्म रिलीज़ की गयी है जिसका नाम ‘इंदु की जवानी ‘ है। इस फिल्म में दिखाया गया है कि इंदु नाम की एक लड़की है और वो अब जवान हो चुकी है और बॉलीवुड के हिसाब से अगर लड़की जवान हो जाती है तो वे अपनी अपनी फिल्मो में सेक्सुअल लिबरेशन को प्रमोट करते है। इसी प्रकार इस फिल्म में दिखाया गया है। इस फिल्म में जितने भी भारतीय पुरुष होते है वे सब बीएस इंदु को गलत नजर से देखते है और उनको ऐसा दिखाया गया है कि वे कुत्ते की तरह इंदु के पीछे पड़े रहते है। इसके अलावा जो लड़के या पुरुष माता का जगराता करते है उनको भी बीएस हवस का भूका दिखाया गया है जो सिर्फ इंदु के पीछे लगे रहते है और फिल्म में इंदु इन सभी भारतीय पुरुषो से बच कर भागती रहती है। लेकिन जब एक पाकिस्तानी उसके घर में अचानक आ जाता है और जिसको वह आतंकवादी समझ रही होती है उसके साथ वह सुरक्षित महसूस करती है और उसके साथ रहने में उसे कोई परेशानी नहीं होती है।

ऐसी बॉलीवुड की सोच है जिसको सभी भारतीय पुरुष यहाँ तक कि माता या भगवान का जगराता करने वाले हिन्दू युवा बहुत ही गिरे हुए और गन्दी सोच के लगते है और एक पाकिस्तानी को सबसे अच्छा और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में दिखाते है। यहाँ तक कि फिल्मे में यह पाकिस्तानी लड़का आतंकियों से भी लड़ता हुआ दिखाया गया है और आतंक के खिलाफ आवाज़ उठाते हुए दिखाया गया है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब बॉलीवुड ने अपनी फिल्मो पाकिस्तान को डिफेंड न किया हो। इससे पहले भी बॉलीवुड में कई फिल्मे आ चुकी है जिसमे दिखाया गया है कि पाकिस्तान भी भारत के साथ आतंकवाद से लड़ रहा है। उदाहरण के लिए ‘एक था टाइगर’ और ‘टाइगर जिन्दा है ‘ जैसी फिल्मो में भी पाकिस्तान को डिफेंड करने की कोशिश की गयी है। अब पता नहीं बॉलीवुड को ऐसा देश अमन पसंद क्यों लगता है जो आये दिन हमारे कश्मीर को हथियाने की कोशिश करता रहता है और हमारे कई सेनिको और लोगो बिना वजह मारता रहता है। हम सबको मिलकर इसके बारे में आवाज़ उठानी पड़ेगी और बॉलीवुड की ऐसी फिल्मो का बहिष्कार करना पड़ेगा जो हमारे देश के नागरिको में गलत प्रभाव डालती है।

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