June 18, 2021

वृतांत – Vritaant

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स्मार्टफोन में आने वाली आईपीएस एलसीडी डिस्प्ले और अमोलेड डिस्प्ले में क्या है अंतर, जानिए कोनसी डिस्प्ले है सबसे बेहतर

LCD vs amoled display in hindi, वृतांत - Vritaant

हमारी लाइफ का सबसे ज्यादा उपयोगी साधन हमारा मोबाइल फ़ोन है जिसे हम स्मार्टफोन भी बोलते है क्योकि हम आज कल हर काम घर बैठे अपने स्मार्टफोन पर ही कर सकते है। लेकिन एक स्मार्टफोन को स्मार्ट वर्क करने के लिए सबसे जरुरी जो पार्ट होता है वो होता है फ़ोन का डिस्प्ले। आज कल हर कंपनी कई स्मार्टफोन लॉन्च करती है और अपने स्मार्टफोन में अलग अलग डिस्प्ले ग्राहकों देती है। ज्यादातर हम देखते है कि स्मार्टफोन में दो डिस्प्ले सबसे ज्यादा उपयोग में ली जाती है जो आईपीएस एलसीडी डिस्प्ले है और एक अमोलेड डिस्प्ले है। आखिर कम्पनिया अपने फ़ोन में अलग अलग डिस्प्ले क्यों काम में लेती है और इन दोनों डिस्प्ले में क्या अंतर होता है ?

आईपीएस  डिस्प्ले : यह एक एलसीडी डिस्प्ले है जिसका पूरा नाम ‘लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले’ है। इस डिस्प्ले में केवल एक सिंगल लाइट सोर्स होता है जिसके कारण इसकी ब्राइटनेस अमोलेड डिस्प्ले से कम होती है। एक ही लाइट सोर्स होने के कारण यह अमोलेड डिस्प्ले से बहुत ही सस्ता होता है और इसको आसानी से बनाया जा सकता है। इसलिए जिन स्मार्टफोन में एलसीडी डिस्प्ले को काम में लिया जाता है उसकी कीमत कम होती है और यह डिस्प्ले हमे ज्यादातर बजट और कई मिड रेंज फोन में भी देखने को मिल जाती है, जिससे फ़ोन की कीमत कम हो जाती है।

इसके अलावा एलसीडी डिस्प्ले के खराब होने या टूट जाने पर आसानी से बदला जा सकता है इस लिए कई कम्पनिया ज्यादातर इस डिस्प्ले का इस्तेमाल अपने स्मार्टफोन में करती है। ज्यादातर हमें इस डिस्प्ले के साथ रेडमी और रियल मी बजट फ़ोन देखने को मिलते है।

अमोलेड डिस्प्ले : इसका पूरा नाम ‘एक्टिव मैट्रिक्स आर्गेनिक लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले’ है। इस डिस्प्ले में हर एलईडी के लिए अलग लाइट सोर्स होता है जो इसके बैक पैनल के निचे लगा हुआ होता है। इसलिए अमोलेड डिस्प्ले में ब्राइटनेस एलसीडी डिस्प्ले से ज्यादा होती है। हर डायोड के लिए अलग लाइट सोर्स होने के कारण यह डिस्प्ले एलसीडी डिस्प्ले से महंगा होता है।

इस डिस्प्ले को बनाना मुश्किल होता है क्योकि इसमें हजारो लाइट सोर्सेज को जोड़ना पड़ता है जिससे इस डिस्प्ले को बनाने समय लगता है और इससे इसकी कीमत भी ज्यादा हो जाती है। यह डिस्प्ले हमे ज्यादातर फ्लैगशिप या महंगे फ़ोन में देखने को मिलती है। इस डिस्प्ले के कारण भी फ्लैगशिप फ़ोन महंगे होते है। यह डिस्प्ले पावर सेविंग डिस्प्ले है क्योकि इस डिस्प्ले में जहा पर कलर दिखाई देता है केवल वही एलईडी इस डिस्प्ले में ऑन होती है और जहा पर ब्लैक कलर दिखाई देता है वहा लगी हुई एलईडी ऑफ होती है जिससे कम लाइट लेने के कारण यह डिस्प्ले बैटरी सेविंग डिस्प्ले है।