June 18, 2021

वृतांत – Vritaant

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किसान आंदोलन : जयपुर के किसानो ने जयपुर-दिल्ली हाईवे को जाम किया, जयपुर से किसान आंदोलन में भाग लेने पहुंच रहे

मोदी सरकार किसान आंदोलन पर क्यों है चुप ?, वृतांत - Vritaant

देश भर में केंद्र सरकार द्वारा लाये गए तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किया जा रहा किसान आंदोलन अब और भी तेज होता जा रहा है। किसानो ने जयपुर-दिल्ली हाईवे को भी जाम कर दिया है। जयपुर से किसान आंदोलन में भाग लेने के लिए दिल्ली के मार्ग पर पहुंच रहे है। हरियाणा के रेवाड़ी में इसकी खबर मिलते ही वहा पर धारा 144 को लागु कर दिया गया लेकिन इसके वावजूद किसानो ने दिल्ली-जयपुर हाईवे को जाम कर दिया। इसके अलावा राजस्थान और हरियाणा बॉर्डर पर भी जाम रहा। सूत्रों के मुताबिक कहा जा रहा है कि किसानो और केंद्र सरकार के बीच नए कृषि कानूनों के संबंध में वार्ता हो सकती है। वार्ता की खबर के बावजूद किसानो ने आंदोलन को और तेज कर दिया है और देशभर से किसानो को आंदोलन में समर्थन मिल रहा है।

किसानो ने हाल ही में एलान किया है कि वे देशभर के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना देंगे। इसके अलावा किसानो ने राज्यों की बॉर्डर पर सुबह 8 से 5 बजे तक भूख हड़ताल भी करेंगे। आन्द्दोलन के तेज हो जाने के कारण परिवहन पर बहुत प्रभाव पड़ा है। पंजाब और हरियाणा राज्यों में जाने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा सड़क परिवहन भी बंद हो गया है। पंजाब और हरियाणा के सभी किसान आंदोलन में भाग ले रहे है और कई दिनों से सड़को पर ही धरना दे रहे है। किसानो ने सरकार द्वारा दिए गए सभी आश्वासनों को मानने से इंकार कर दिया है । किसानो का कहना है कि जब तक तीनो कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जायेगा तब तक वे आंदोलन को वापस नहीं लेंगे। सरकार के साथ किसानो की शुरुवाती वार्ता असफल रही और इस वार्ता का कोई भी निष्कर्ष नहीं निकल पाया है।

किसानो को देशभर से खूब समर्थन मिल रहा है। कई राज्यों और शहरो से लोग आंदोलन में भाग ले रहे किसानो के लिया खाना पंहुचा रहे है। उनके लिए पिने का पानी, सर्दी के कपडे, दवाइया और कम्बल आदि चीज़े पहुंचकर किसानो की आंदोलन में मदद कर रहे है। पंजाब और हरियाणा के लगभग सभी पुरुष आंदोलन में भाग ले रहे है। पुरुषो की अनुपस्थिति में पंजाब और हरियाणा में महिलाये फिलहाल अपने खेतो को संभाल रही है। इसके अलावा महिलाये अपने खेत और घर का काम खत्म करने के बाद बाकि का समय आंदोलन में भाग लेने में बिता रही है। महिलाये भी कई जगहों पर धरना दे रही है और किसानो के लिए खाना और जरुरत की चीज़ो को पंहुचा रही है। पुरे देश के नागरिक किसानो की इस हालत से दुखी है और सभी ने केंद्र सरकार से अपील की है कि जल्द से जल्द किसानो को न्याय दिया जाये। फ़िलहाल सभी को किसानो के साथ केंद्र सरकार की अगली वार्ता का इंतजार है ताकि जल्द से जल्द सरकार द्वारा किसानो की मांगो को पूरी करके आंदोलन को समाप्त किया जाये।