June 17, 2021

वृतांत – Vritaant

खबर, संवाद और साहित्य

जानिए कैसे अमेरिका के उप-राष्ट्रपति के पद तक पहुंची भारतीय मूल की कमला हैरिस

journey of kamala harris, वृतांत - Vritaant

हाल ही में हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावो में जो बाइडेन ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को 76 इलेक्टोरल वोटो से हरा दिया। इसके बाद जो बाइडेन अमेरिका के नए राष्ट्रपति बन गए और भारतीय मूल की कमला हैरिस उप-राष्ट्रपति के रूप में चुनी गयी। कमला हैरिस की माँ श्यामला गोपालन तमिलनाडु की रहने वाली है। 19660 में श्यामला अमेरिका आ गयी थी और 1964 में कैलिफ़ोर्निया के ऑकलैण्ड में कमला हैरिस का जन्म हुआ था। इनने पिता का नाम डोनाल्ड जे हैरिस है। इसके बाद में बर्केल में ही बड़ी हुई है। कमला ने हारवर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद कैलिफ़ोर्निया यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री पूरी की। इसके बाद कमला ने अल्मेंडा जिला अटॉर्नी कार्यालय में अपना करियर शुरू किया। इसके बाद इन्होने साल 1990 से 1998 तक ऑकलैंड में एक डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के रूप में भी कार्य किया।

साल 2003 में कमला हैरिस सैन फ्रेंसिस्को के लिए शीर्ष अभियोजक बनी। इसके बाद साल 2010 में कैलिफ़ोर्निया की अट्रॉर्नी जनरल के रूप में से करने वाली पहली महिला और अश्वेत चुनी गयी। साल 2017 में कमला हैरिस को कैलिफ़ोर्निया के जूनियर अमेरिकी सेनेटर के रूप में चुना गया। कमला हैरिस अक्सर अपनी माँ के साथ भारत की यात्रा पर आती रही है। इनके दादा स्वतंत्रता सेनानियों में रहे है और सरकारी अधिकारी भी रहे है। कमला हैरिस ने अपनी आत्मकथा भी लिखी है जिसका नाम ‘द ट्रुथ वी होल्ड’ है। कमला हैरिस के जीवन पर इनकी माँ का बहुत अधिक प्रभाव रहा है। इनकी माँ के कारण ही आज कमला हैरिस इस मुकाम तक पहुंची है।

कमला हैरिस 7 नवम्बर 2020 को अमेरिका की नयी उप-राष्ट्रपति के रूप में चुनी गयी। इसके साथ ही कमला हैरिस ने अपने साथ कई नामो भी जोड़ लिया है। कमला हैरिस पहली महिला, पहली अश्वेत, पहली भारतीय अमेरिकी और अमेरिका की पहली एशियाई उप-राष्ट्रपति बनी है। जो बाइडेन और कमला हैरिस ने एक दोस्त की तरह पुरे चुनाव में एक दूसरे के साथ खड़े रहे। कमला हैरिस के अमेरिका की उप-राष्ट्रपति चुने जाने के बाद कई दिग्गज हस्तियों ने कमला को बधाई दी। भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कमला हैरिस को बधाई दते हुए कहा कि आपकी सफलता वास्तव में सफल हुई है। यह केवल अमेरिकियों के लिए ही नहीं बल्कि भारतीयों के लिए भी गर्व की बात है। कमाल हैरिस के का उप-राष्ट्रपति बनने का सफर बहुत ही प्रेरक रहा है। इनका जीवन हमे सिखाता है कि कैसे इंसान छोटी छोटी सीढिया चढ़ कर बड़ा मुकाम हासिल कर सकता है।