June 18, 2021

वृतांत – Vritaant

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किसान आंदोलन : किसान दिखा रहे है रिलायंस के खिलाफ आक्रोश, टावर से काट रहे है पावर सप्लाई

farmers cut power supply to jio towers, वृतांत - Vritaant

किसानो के द्वारा रिलायंस के पेट्रोल पंप और रिटेल स्टोर्स के बाहर विरोध प्रदर्शन के बाद पंजाब और हरियाणा के आंदोलन कर रहे किसानो ने केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ अपने आंदोलन को आगे बढ़ा लिया है और नए तरीके से अपना विरोध किया है। अपने आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए किसानो ने रिलायंस जिओ के खिलाफ अपना आक्रोश दिखाया है। किसानो ने जिओ के मोबाइल टॉवरों को दूरसंचार आपूर्ति की सेवाओं को बाधित कर दिया है दिया। किसानो ने जिओ के कनेक्शन को बंद करने के लिए मोबाइल टॉवरों से पावर सप्लाई को कट कर दिया है। इससे कई जगहों पर जिओ के नेटवर्क ठप्प हो गया है और लोगो को कई परेशानियों का सामना करना पद रहा है।

विभिन्न किसान संघो के प्रति निष्ठा रखते वाले किसानो ने पिछले तीन दिनों में नवांशहर, फिरोजपुर, मानसा, बरनाला, फाजिल्का, पटियाला और मोगा जिलों में कई जिओ टॉवरों की बिजली की आपूर्ति को बंद कर दिया है। सिरसा में भी जिओ के टावर की बिजली को काट दिया गया। पुलिस के पहुंचने के बावजूद पुलिस भी टॉवरों की सप्लाई को पुनः ठीक नहीं करा पायी। अब तक कई दर्जनों टॉवरों की बिजली बंद होने की शिकायते दर्ज हो चुकी है। फिरोजपुर में टॉवरों की पावर सप्लाई के कट जाने से जिओ के नेटवर्क कट हो जाने से सभी कनेक्शन बंद हो गए। किसान संघ ने कहा कि हमने फ़िरोज़पुर में 5 जिओ के टावर की बिजली ऑपरट्य को बंद कर दिया है। इसके साथ किसानो ने कॉर्पोरेट सेक्टर के खिलाफ अपनी लड़ाई को जारी रखा है। जिओ के प्रवकताओ ने इस बारे कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया है।

किसानो के एक और संघ ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपनी लड़ाई की शुरुवात कर दी है। एक अन्य किसान संघ ने नए कानूनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की है। किसानो ने दिल्ली की सीमाओं पर कब्ज़ा जमा रखा है और अपने दिल्ली कुछ के सफर  को जारी रखा है। सूत्रों के मुताबिक पंजाब और हरियाणा से लगभग 30,000 से अधिक किसान और दिल्ली की ओर कूच करते हुए आंदोलन में भाग लेंगे और केंद्र के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन करेंगे। हालाँकि सरकार द्वारा पहले किसानो को वार्ता के लिए पत्र लिखकर तारीख तय करने के लिए कहा था लेकिन किसानो की तरफ से कोई जवाब नहीं मिलने के कारण सरकार द्वारा एक और पत्र जारी  किया गया है जिसमे किसानो ने वार्ता के लिए अपील की गयी है।