June 18, 2021

वृतांत – Vritaant

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दिवाली पर पटाखों पर प्रतिबंद्ध लगाकर राष्ट्रिय हरित अधिकरण ने न्यू ईयर और क्रिसमस के पर पटख़े जलने की छूट दी, आखिर हमारे हिन्दू त्यौहार पर ही ये प्रतिबंध क्यों ?

ngt allows crackers on new year and christmas, वृतांत - Vritaant

दुनिया में कोरोना महामारी ने पुरे साल लोगो के सभी काम बंद करवा दिए। हमारे देश में इस महामारी का बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा है। देश का मजदुर वर्ग अपने जीवन यापन करने के काम के कई महीनो तक बंद हो जाने सबसे ज्यादा परेशान हुआ है। यहाँ तक कि देश के व्यापारी भी इस संकट से उभर नहीं पाए है। ऐसे में लोगो को उम्मीद होती है कि दिवाली के त्यौहार पर उनका काम अच्छे से चलेगा और वे कम से कम दिवाली जैसा बड़ा त्यौहार अच्छे से मना पाएंगे। ऐसे में राष्ट्रीय हरित अधिकरण के सुझाव के बाद राजस्थान सहित कई राज्यों में पटाखों के बेचने और जलाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गयी। यह प्रतिबंध तब किया गया जब सभी पटाखे बनाने वाली फैक्टरियों ने करोड़ रूपये के पटाखे बना लिए थे और लाखो मजदूरों ने इन फैक्टरियों में काम किया ताकि वे दिवाली पर अपने परिवार के साथ अच्छे से दिवाली मना पाएंगे। इसके अलावा सरकार ने दिवाली के एक महीने पहले ही पटाखा बेचने वाले व्यापारियों को पटाखे बेचने के लिए लाइसेंस जारी कर दिए थे जिसके बाद राजस्थान और दिल्ली जैसे प्रदेशो के व्यापारियों ने करोडो रूपये के पटाखे खरीद लिए थे ताकि वे उन्हें दिवाली पर बेच सके। लेकिन दिवाली से कुछ दिन पहले ही सरकार ने पटाखों के बेचने और जलाने पर पाबंधी लगा दी। इस खबर से पटाखों के व्यापर से जुड़े हर वर्ग के लोगो के पैरो तले जमींन खिसक गयी। इससे जुड़े व्यापारी, मजदुर और परिवहन आदि लोगो को भरी नुकसान उठाना पड़ा

पटाखों के प्रतिबंध के लिए सरकार द्वारा कारण  दिया गया कि कोरोना के मरीजों को पटाखों की आवाज़ और उससे होने वाले धुआँ से ज्यादा परेशानी हो सकती है। और साथ में कहा गया कि दिवाली पर पटाखे जलाने से हवा प्रदूषित होगी और कोरोना के मरीजों को इससे कई और अन्य बीमारियों का खतरा हो सकता है। दिवाली के गुजर जाने के बाद अब राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने क्रिसमस और नए साल पर ग्रीन पटाखों को जलाने के लिए छूट दे दी है। जिसके बाद अब यही सवाल खड़ा होता है की क्या दिवाली जैसे हिन्दू त्यौहार पर ही पटाखे जलाने से प्रदूषण अधिक होता है ? क्या दिवाली पर ही पटाखे कोरोना जैसी महामारी में खतरा बन सकते है ? और यह भी सवाल खड़ा होता है कि कुछ लोगो को हमारे हिन्दू त्योहारों से परेशानी क्यों है ? ऐसी परिस्थिति में ऐसे कई सवाल खड़े होते है जो हमे सोचने पर मजबूर करते है कि केवल हमारे हिन्दू त्योहारों पर ही सभी प्रतिबंध लागु क्यों होते है ?

इस निर्णय के बाद अब सरकार ने भी पटाखों पर छूट दे दी है। कहने को तो हमारे देश को हिंदुस्तान कहा जाता है लेकिन हिन्दू त्योहारों पर ही सरकार और देश की जानी मानी हस्तिया भी लोगो पर दिवाली जैसे त्यौहार आने पर लोगो को पटाखे नहीं जलाने के लिए प्रभाव डालते है और प्रदूषण नहीं फैलाने के लिए अपील करते है। जबकि ऐसे लोग खुद अपनी शादियों और जन्मदिन पर आसमानी आतिशबाजी करते है तब ऐसे लोगो को पर्यावरण और प्रदूषण का ख्याल नहीं आता है। केवल दिवाली जैसे हिन्दू त्यौहार पर ही ऐसे लोगो को परेशानी होने लगती है। आज हमे यह जानने की जरुरत है और इसके लिए आवाज़ उठाने की जरूरत है ताकि हम अपनी संस्कृति और अपने त्योहारों अस्तित्व बचा सके।