July 29, 2021

वृतांत – Vritaant

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किसान आंदोलन पर बोले पीएम नरेंद्र मोदी, कहा नए भारत का निर्माण करने के लिए पुराने नियमो को बदलना जरुरी है

देश भर में किसान आंदोलन महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बना हुआ है। हरियाणा और पंजाब के किसान कृषि कानूनों के विरोध में कई दिनों से आंदोलन कर रहे है। देश के की कई बड़ी हस्तियों ने किसानो का इस आंदोलन में साथ दिया है और उनका समर्थन किया है। इसके अलावा उन्होंने सरकार से भी गुजारिश की है कि सरकार जल्द से जल्द किसानो को आश्वासन दे और उनकी मांगो को पूरा करे। हाल ही में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विकास के लिए सुधारो की जरुरत है और पिछली सदी के कुछ कानून अब बोझ बन गए है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसा कृषि कानूनों के बारे में कहा है। पीएम ने यह तब कहा जब वे आगरा मेट्रो रेल परियोजना का उद्गाटन कर रहे थे।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विकास के सुधार की आवश्यकता है। नए आदेश के लिए और नयी सुविधाएं देने के लिए सुधारो की बहुत आवश्यकता है। कुछ कानून जो पिछली सदी में अच्छे होते थे, वे वर्तमान में एक बोझ बन गए है। अब इसमें सुधार की एक सतत प्रक्रिया होनी चाहिए। प्रधान मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार समग्र सुधार कर रही है। इससे पहले सुधार एक टुकड़ा करने योग्य तरिके से होते थे या कुछ क्षेत्रो और विभागों को ध्यान में रखते हुए होते थे। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने यह टिप्पणी किसानो द्वारा ‘भारत बंद’ की घोषणा के एक दिन पहले ही की गयी थी। सोमवार को कृषि कानूनों का विरोश कर रहे किसान संघटनो ने देश भर में 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया। इस भारत बंद का समर्थन कई विपक्षी दलों और राज्य सरकारों ने किया है। हालाँकि केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशो को सुरक्षा कड़ी करने के लिए कहा है। साथ यही कहा है कि भारत बंद के दौरान शांति को बनाये रखा जाना चाहिए।

किसान मूल्य उत्पादन और कृषि सेवा अधिनियम, 2020 पर किसान उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम, 2020 और आवश्यक वास्तु (संशोधन) का किसान विरोध कर रहे है। प्रमुख राजनितिक दल जैसे कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, समाजवादी पार्टी, वाम मोर्चा आदि ने भारत बंद का समर्थन किया है। यह हड़ताल खासतौर पर राजधानी को प्रभावित करने वाली है क्योकि इसकी ज्यादातर सीमाएं बंद कर दी गयी है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सीमाओं की एक सूचि जारी की है जो उत्तर प्रदेश और हरियाणा से आने वाले लोगो के लिए खुली है। हजारो की संख्या ने दिल्ली की सीमा पर किसान एकत्र हो रखे है। किसानो को रोकने की केंद्र सरकार की हर कोशिश नाकाम हुई है। केंद्र सरकार ने हाल में एक बयान जारी किया है जिसमे कहा गया है कि वे नए कृषि कानूनों को खत्म नहीं करेंगे लेकिन वे किसानो को लिखित आश्वासन देने के लिए तैयार है।

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