July 29, 2021

वृतांत – Vritaant

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किसान आंदोलन : सुप्रीम कोर्ट ने किसान आंदोलन के मामले को जल्द से हल करने के सुझाव दिए, केंद्र ने भी दी इस मामले में अपनी सफाई

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों को निरस्त कराने की मांग को लेकर 21 दिनों से आंदोलन कर रहे किसानो के मामले में अब सुप्रीम कोर्ट ने भी हस्तक्षेप किया है। इससे किसानो को अब उम्मीद नजर आयी है जिससे उनकी समस्याओ का समाधान हो सकता है। किसानो ने कहा है कि केंद्र के साथ वे बातचीत को तभी आगे बढ़ाएंगे जब जब केंद्र सरकार तीनो कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए सहमत होगी। इसके अलावा केंद्र सरकार भी अपनी बात पर रुकी है और केंद्र का मानना है कि कई प्रदर्शनकारियों के द्वारा किसानो को गुमराह किया जा रहा है। इस मामले के तेज होते देख अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले अपनी सुनवाई की है। कई दिनों से इस मामले का हल नहीं मिलने पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता व्यक्त की है।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को संकेत दिया कि वह गतिरोध के समाधान के लिए एक समिति बना सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सड़क नाकाबंदी मुद्दा जल्द ही एक राष्ट्रिय मुद्दा बन सकता है। यह भी कहा गया कि केंद्र की बातचीत ने ठीक से काम नहीं किया और वे किसानो को संतुष्ट करने में विफल रहे है। नयी समिति में किसान संघटनो के सदस्य और सरकार के प्रतिनिधि होंगे। इसके अलावा शेष भारत से भी अन्य किसान संघटनो के सदस्य भी इसका हिस्सा होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने नयी समिति को स्थापित कर जल्द से जल्द इस मामले को हल करने का सुझाव दिया है। केंद्र और किसानो द्वारा की गयी किसी भी वार्ता का निष्कर्ष नहीं निकलने पर यह आंदोलन और तेज हो गया है। किसानो ने कई तरीको से आंदोलन को तेज किया है और सरकार द्वारा दी गयी सभी सुविधाओं का बहिष्कार किया है।

कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी सड़को को अवरुद्ध करने वाले किसान संघटनो का नाम पूछा गया तो इसमें कहा गया कि वे उन संघटनो का नाम बता सकते है जो केंद्र के साथ बातचीत में लगे हुए है। इसके अलावा वाणिज्यिक राज्य मंत्री सोम नाथ प्रकाश ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा किये गए फैसले का स्वागत किया और कहा कि केंद्र किसानो के सभी मुद्दों को जल्द से जल्द हल करने की कोशिश कर रहा है। नयी समिति के स्थापन से किसान और सरकार अपने विचार व्यक्त कर पाएंगे जो अच्छा कदम है। सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला होगा वो सर्वमान्य होगा। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार भी नोटिस जारी किया है और जल्द से जल्द इस मामले पर ध्यान देकर इसे हल करने के लिए कहा है।

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