June 18, 2021

वृतांत – Vritaant

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एनटीपीसी परीक्षा : परीक्षा सेंटर पर ठंड में परीक्षा देने को मजबूर हुए परीक्षार्थी, उतारने पड़े सर्दी के कपडे

candidates suffered from cold in ntpc exam, वृतांत - Vritaant

देश में दो साल के लम्बे इंतजार के बाद आखिर रेलवे की एनटीपीसी परीक्षाएं आखिरकार शुरू हो गयी है। इस परीक्षा को देश  में तीन चरणों में करवाया जा रहा, जिसका पहला चरण 28 दिसंबर से शुरू किया जा चूका है। इसके बाद दूसरा चरण 13 दिसंबर से शुरू किया जायेगा। एनटीपीसी की परीक्षा को एक दिन में दो पारियो में संपन्न कराया जा रहा है। आज 11 दिसम्बर को पहली पारी में आयोजित की गयी परीक्षा में जयपुर जिले में स्थित एक परीक्षा सेंटर के नियमो के कारण कई छात्रों को ठंड में बिना सर्दी के कपड़ो के ही परीक्षा देनी पड़ी। जयपुर जिले में स्थित अलंकार पीजी महाविद्यालय में 11 दिसम्बर को सुबह की पहली पारी में यह दृश्य देखने को मिले।

जयपुर में स्थित अलंकार पीजी महाविद्यालय में अभ्यर्थयों को कड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह की कड़ाके सर्दी में प्रशासन ने उन अभ्यर्थियों से जैकेट और स्वेटर उतरवा ली गयी जिन पर टोपा जुड़ा हुआ था। कॉलेज प्रशासन ने अभ्यर्थियों ऐसे सर्दी के कपड़ो के साथ परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी जिसके कारण कई परीक्षार्थियों को बिना सर्दी के कपड़ो के तेज सर्दी में परीक्षा देनी पड़ी। कॉलेज के बाहर लम्बी लाइन में बिना सर्दी के कपड़ो के परीक्षार्थी ठंड से काँप रहे थे लेकिन कॉलेज प्रशासन ने इस कोई ध्यान नहीं दिया और जमा देने वाली ठंड में ही छात्रों से परीक्षा दिलवाई। इसके अलावा कॉलेज प्रशासन के कर्मचारियों ने ऐसे ही सर्दी के कपडे पहने हुए थे जो छात्रों से उतरा लिए गए थे। साथ  में वहा मौजूद पुलिस प्रशासन के लोग भी इस बात पर कोई ध्यान नहीं दे रहे थे और सभी ने सर्दी से बचने के लिए सभी तरह के कपडे पहने हुए थे।

कॉलेज और पुलिस प्रशासन द्वारा ऐसी लापरवाही के कारण परीक्षार्थियों को कई घंटो तक ठंड से झूझना पड़ा। इसके अलावा परीक्षा के एडमिट कार्ड में लिखा गया है कि कोरोना के चलते खासते और छीकते समय अपने साथ एक रुमाल भी रखे, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने इसके लिए भी अभ्यर्थियों को अनुमति देने से मना कर दिया और खुद के बनाये हुए नियमो से परीक्षार्थियों को परेशानियों में डाल दिया। इस मामले पर प्रशासन को ध्यान देने की जरुरत है ताकि सर्दी में किसी भी परीक्षार्थी  के साथ कोई अनहोनी घटना न हो सके।