January 20, 2022

वृतांत – Vritaant

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किसान आंदोलन : किसान संघठनो ने सरकार के 18 महीने तक कृषि कानूनों को रद्द करने के प्रस्ताव को ख़ारिज किया

कृषि कानूनों के विरोध में किसान कई महीने से आंदोलन कर रहे है और ऐसे में कई दिनों से केंद्र सरकार किसानो को आंदोलन को खत्म करने के लिए कई प्रस्ताव दे चुकी है। किसानो ने केंद्र सरकार द्वारा दिए गए सभी प्रस्तावों को ख़ारिज कर दिया है। हाल ही में केंद्र सरकार ने किसानो के सामने नया प्रस्ताव रखा है जिसमे उन्होंने कहा है कि सरकार 18 महीने तक तीनो कृषि कानूनों को रद्द कर देगी। लेकिंन इस किसान संघठनो से सरकार के इस प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया है। किसानो ने शुरू से एक ही मांग की है कि केंद्र सरकार तीनो कृषि कानूनों को पूरी तरह से हटा दे लेकिन सरकार ने कानूनों को वापस लेने से इनकार कर दिया है। सरकार द्वारा अपनी मांगो के पूरा नहीं होने पर किसानो से आंदोलन को खत्म करने से मना कर दिया है और लगातार आंदोलन में डटे हुए है।

हालाँकि सुप्रीम कोर्ट में देश में किसानो की बिगड़ती हुई स्थिति को देख एक सुनवाई में तीनो कृषि कानूनों को अगले आदेश तक के लिए रद्द कर दिया था और एक नयी समिति का गठन किया था जो किसान संघठनो से अगली वार्ता करेगी। इसके अलावा सरकार ने किसानो के लिए नया प्रस्ताव रखा है और कहा है कि सरकार 18 महीने तक इन कृषि कानूनों को लागु नहीं करेगी। इसके अलावा सरकार ने किसानो से अपील की है कि वे आंदोलन को खत्म कर दे। लेकिन किसानो ने सरकार के इस प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनायीं गयी समिति के साथ किसानो की फिलाहल वार्ता जारी है लेकिन अभी यह वार्ता किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच पायी है।

सरकार ने किसान संघो के साथ 10वे दौर की वार्ता में यह प्रस्ताव पेश किया है। इससे पिछली वार्ता में कोई भी नतीजा नहीं निकलने के बाद इस वार्ता को सफलता के रूप में देखा गया था और यह प्रस्ताव पेश किया गया था। किसानो ने वार्ता में तत्काल कोई जवाब नहीं दिया। वार्ता के बाद कई संघो ने कहा की उन्हें सरकार का यह प्रस्ताव मंजूर नहीं है और वे गणतंत्र दिवस पर ट्रेक्टर रैली की योजना को जारी रखेंगे। पुलिस द्वारा भी किसानो से अनुरोध किया गया की वे ट्रेक्टर रैली को रद्द कर दे लेकिन किसानो ने ट्रेक्टर रैली को रद्द करने से भी इनकार कर दिया है।

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