June 17, 2021

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Makar Sankranti Muhurat: इस बार कब है मकर संक्रांति? जानिए महत्व, मान्यता और मुहूर्त की विशेष जानकारी

makar sankranti 2021 मकर संक्रांति kite festival special in hindi, वृतांत - Vritaant

।।श्री गणेशाय नमः।।

मकर संक्रांति पर खास

सनातन परंपरा रीति रिवाज का अपना ही अलग और अनूठा महत्व है जिसमे सूर्य देव का मकर राशि में प्रविष्ट होना और भी महत्वपूर्ण है मकर संक्रांति का विशेष महत्व है। सूर्य देव जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसको मकर संक्रांति के रूप में सभी मानते है। इस पौराणिक पर्व से ही मांगलिक कार्य जैसे विवाह, मुंडन, सगाई, गृह प्रवेश आदि पर लगा प्रतिबन्ध हट जाता हैं। मकर संक्रांति को भगवान सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण में आ जाते हैं और खर मास समाप्त हो जाता है। हेमंत ऋतु में मनाया जाने वाला ये खास पर्व जानिए कब होगा।

कब है मकर संक्रांति 2021

सनातन मान्यता और ज्योतिष पंचांग के अनुसार, इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी ​दिन गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य देव सुबह मकर राशि में 08:15 बजे प्रवेश करेंगे।ये ही संक्रमण काल होगा । इस दिन मकर संक्रान्ति का पुण्य काल कुल 09 घण्टे 12 मिनट का है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पुण्य काल सुबह 08 बजकर 30 मिनट से शाम को 05 बजकर 40 मिनट तक है। और मकर संक्रान्ति का महा पुण्य काल 01 घंटा 45 मिनट का है, जो सुबह 08 बजकर 15 मिनट से दिन में 10 बजकर 15 मिनट तक है।

मकर संक्रांति का महत्व

इस दिन भगवन शिव और भगवन नारायण की संयुक्त पूजा का विशेष विधान है और स्नान, दान और सूर्य देव शनि देव गुरुदेव बृहस्पति की आराधना का भी विशेष महत्व होता है। सूर्य देव के निमित्त लाल वस्त्र, गेहूं, गुड़, स्वर्ण, सुपारी, रक्त फूल, दक्षिणा आदि अर्पित किया जाता है। वही शनि देव के निमित्त उड़द दाल और बाजरे की खिचड़ी का दान उत्तम होता है l मकर संक्रांति के पुण्य काल में दान करने से अक्षय फल एवं पुण्य की प्राप्ति होती है।
धार्मिक परंपरा के अनुसार इस दिन से सूर्य देव का रथ उत्तर की ओर मुड़ जाता है। ऐसा होने पर सूर्य देव का मुख पृथ्वी की ओर होता है और वे पृथ्वी के निकट आने लगते हैं। जैसे-जैसे वे पृथ्वी की ओर बढ़ते हैं, वैसे-वैसे सर्दी कम होने लगती है और गर्मी बढ़ने लगती हैं।

विशेष :

पौराणिक मान्यता के अनुसार तिल का दान शनिदेव की कृपा पाने के लिए किया जाता है शनि देव ने अपने पिता सूर्य के क्रोध को कम करने के लिए और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उनकी पूजा काले तिलों से ही की थी जिससे कि सूर्यदेव उन पर प्रसन्न हो गए थे अतः मकर संक्रांति के दिन तिल का दान करके शनि के दोषों को भी दूर किया जा सकता है इसके अतिरिक्त मकर संक्रांति के दिन हम कंबल का दान भी कर सकते हैं कंबल का दान करने से राहु के अशुभ प्रभाव में कमी आती है।

मकर संक्रांति को खिचड़ी का दान भी बहुत अच्छा होता है जरूरतमंद व्यक्ति को चावल और उड़द की दाल की खिचड़ी का दान करें इस नाम से भी शनि के दोष कम होते हैं ही का दान सूर्य और गुरु दिवस पति को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है घी के दान से सूर्य देव और गुरुदेव बृहस्पति प्रसन्न हो जाते हैं इस बार मकर संक्रांति गुरुवार के दिन ही पड़ रही है जिस कारण बृहस्पति के दान का और भी अधिक महत्व बढ़ जाएगा शुद्ध घी का दान करने से व्यक्ति को सुख समृद्धि और धन की प्राप्ति होती है मकर संक्रांति के दिन जरूरतमंद व्यक्तियों को नए वस्त्रों का दान करें पुराने वस्त्र ना दें ऐसा करने से भी व्यक्ति को समृद्धि प्राप्त होती है इस दिन किया गया वस्त्रों का दान महादान कहा जाता है मकर संक्रांति को गुड़ का दान भी किया जाता है जो गुरुदेव बृहस्पति को अत्यधिक प्रिय है और गुरुवार को ही इस बार मकर संक्रांति होने से गुरु का दान करने से गुरु की कृपा प्राप्त होगी तिल और गुड़ के लड्डू का दान कर सकते हैं गुड़ खाना भी शुभ रहेगा।

मकर संक्रांति के दिन किसी ऐसे मंदिर में जहाँ भगवान शिव और नारायण दोनों हो वहां पूजा अर्चना और पुष्प नैवेद्य अर्पित अवश्य करें। घर में भी भगवान को पुष्प नैवेद्य अर्पित करें और सपरिवार ग्रहण करें। आज के दिन किसी भिक्षुक को बिना अन्न का दान दिए न लौटाए।

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ज्योतिषी अनु गर्ग
गाज़ियाबाद, उत्तरप्रदेश