June 18, 2021

वृतांत – Vritaant

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किसान आंदोलन : केंद्र सरकार और किसान संघठनो के बीच 11वे दौर की वार्ता हुई संपन्न, नहीं निकला कोई नतीजा

no result in 11th meeting with farmers, वृतांत - Vritaant

कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानो के साथ सरकार ने 11वे दौर की बैठक भी समाप्त कर ली है और इस बैठक में भी कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। इससे पहले हुई बैठक में सरकार द्वारा प्रस्ताव रखा गया था कि तीनो कृषि कानूनों को 18 माह के लिए रद्द कर दिया जायेगा। इसके बाद किसान संघठनो ने बैठक के दौरान कोई जवाब नहीं दिया लेकिन बाद में किसानो ने इस प्रताव को मानने से इनकार कर दिया। इस बैठक में भी कोई नतीजा नहीं निकल पाया है और किसानो का अंदोलन अभी भी जारी है। किसान नेताओ ने कहा कि सरकार ने अगली वार्ता के लिए भी कोई तारीख तय नहीं की है।

इस बैठक में भी सरकार ने किसान संगठनों के साथ कृषि कानूनों को रद्द करने के विकल्पों पर चर्चा की और कहा गया कि कानूनों को रद्द करने करने के लिए अंदरूनी चर्चा की जानी चाहिए। केंद्र सरकार ने कहा है कि उन्होंने किसानो को सभी प्रस्ताव दे दिए है और कहा है कि अगर किसानो के पास और कोई बेहतर विकल्प है तो वे इसे सरकार के पास लेकर आ सकते है। किसानो द्वारा सरकार के सभी प्रस्तावों को ख़ारिज करने के बाद सरकार ने सख्त रुख दिखाया है। सरकार ने कहा है कि उन्होंने किसानो को बेहतर से बेहतर प्रस्ताव पेश किये और उन्हें सबसे बढ़िया और आखरी प्रस्ताव दे दिया जा चूका है। इसके बाद उन्हें कोई प्रस्ताव नहीं दिया जायेगा। सरकार के इस सख्त रुख से पता लगे जा सकता है कि सरकार कृषि कानूनों को पूरी रद्द करने की किसानो की मांग को नहीं सुनेगी और शायद अब सरकार आंदोलन को खत्म करने के लिए सख्त रुख दिखा सकती है।

इस बैठक में भी किसानो ने तीनो कृषि कानूनों पूरी तरह से रद्द करने की मांग लेकिन सरकार ने कहा कि तीनो कृषि कानूनों को 18 महीने की जगह 24 महीने तक रद्द करने की बात पर चर्चा की जा सकती है। लेकिन किसान नेताओ ने सरकार के इस प्रस्ताव को भी ख़ारिज कर दिया है। इसके बाद सरकार द्वारा किसानो को और कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया। इस बैठक में किसान सरकार द्वारा अपनाये गए रुख से नाराज थे क्योकि किसानो को मंत्री ने घंटो इंतजार करवाया और इसके बाद केवल सरकार के प्रस्तावों पर ही चर्चा करने के लिए कहा। इसके बाद यह बैठक भी बेनतीजा रही और किसानो का आंदोलन अभी भी जारी है।