January 20, 2022

वृतांत – Vritaant

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किसानो की ट्रेक्टर रैली हुई हिंसक, एक किसान की ट्रेक्टर पलटने से मौत

कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में गणतंत्र दिवस के मौके पर निकली गयी ट्रेक्टर रैली ने हिंसक रूप ले लिया। कई किसानो के समूह ने दिल्ली पुलिस द्वारा निर्धारित किये गए मार्गो से जाने की बजाय वे ट्रैक्टरों से दिल्ली के लाल किले पर पहुंच गए और किले की दीवारों पर छढ़कर अपने आंदोलन के झंडे फहराए। दिल्ली पुलिस ने किसानो को अशांति फैलने से रोकने की कोशिश की लेकिन कई समूहों ने पुलिसवालो को ट्रैक्टरों से कुचलने का प्रयास किया। इस हिंसक रैली में एक किसान की मौत हो गयी और इसकी वजह तेज रफ़्तार के कारण ट्रेक्टर के पलट जाने से किसान की मौत हो गयी। इसके अलावा किसानो ने कहा है कि यह मौत दिल्ली पुलिस के द्वारा की गयी गोलीबारी में हुई है और इसके बाद किसानो का प्रदर्शन और भी उग्र हो गया।

मृत किसान उत्तराखंड के बाजपुर का रहने वाला था और उसका नाम नवनीत सिंह था। मृत किसान की उम्र 30 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार जो ट्रेक्टर पलट गया वह गाजीपुर सीमा से एक समूह का हिस्सा था और वह भी निर्धारित मार्ग से हटकर हिंसक समूहों में शामिल हो गया। दिल्ली के आईओटी क्षेत्र से किसानो और पुलिस के बीच कई झड़पों की सुचना मिली। पुलिस द्वारा किसानो को हिंसा करने से रोकने के लिए लाठीचार्ज भी करना पड़ा। इसके अलावा कई जगहों पर आंसू गैस के गोले भी दागे गए। दिल्ली में हिंसक प्रदर्शन के बढ़ जाने के बाद कई हिस्सों में इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया।

किसानो ने बेरिकेट्स तोड़ दिए और सुरक्षा के लिए तैनात किये गए पुलिस कर्मियों पर हमला किया। इसके अलावा दिल्ली के आईओटी में पुलिस के वाहनों और बसों में तोड़ फोड़ की गयी। सरकार ने अगले आदेश तक प्रदर्शनकारी क्षेत्रो में इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया है। किसानो की ट्रेक्टर रैली में कई एफआईआर दर्ज हुई और 100 से अधिक पुलिस कर्मी घायल हो गए। इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने एक सीसीटीवी फुटेज भी जारी किया जिसमे एक प्रदर्शनकारी किसान को बेरिकेट्स में फंसने और ट्रेक्टर के पलटने से हुई मौत किसान की मौत का स्पष्टीकरण दिया। दिल्ली में ट्रैफिक और मेट्रो सेवा किसानो की हिसंक रैली से प्रभावित रही। दिल्ली की कई सड़को पर लम्बे जाम को भी देखा गया।

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