August 3, 2021

वृतांत – Vritaant

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किसान आंदोलन : सुप्रीम कोर्ट ने कृषि कानूनों पर रोक लगायी, अगले आदेशों तक रोक जारी रहेगी

सुप्रीम कोर्ट ने तीन नए कृषि कानूनों की वैधता के संबंध में याचिकाओं पर सुनवाई की और अगले आदेश तक कृषि कानूनों के कार्यान्वयन पर रोक लगा दी है। इसके अलावा कोर्ट ने एक नयी समिती गठित की है जो किसानो के साथ बात करेगी और सुप्रीम कोर्ट को दो महीने में रिपोर्ट देगी। इस समिती में सरकार द्वारा चयनित एक्सपर्ट्स होंगे जो किसानो के साथ वार्ता करेंगे। इस समिति के सदस्य भूपेंद्र सिंह मान, बीकेयू, शेतकरी संगठन के अनिल घनवन्त, कृषि वैज्ञानिक अशोक गुलाठी, अंतराष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसन्धान संस्थान के प्रमोद जोशी होंगे। तीन न्यायधिशो की पीठ ने जिसमे सीजेआई एस ए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और वी रामसुब्रमन्यम शामिल थे ने यह आदेश सुनाया है।

पीठ ने कहा कि गतिरोध को तोड़ने के लिए उठाये गए कदमो से वांछित परिणाम नहीं मिल रहे है। सुप्रीम कोर्ट ने कृषि कानूनों पर अगले आदेश तक रोक लगाने के साथ केंद्र सरकार से कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट का जो भी आदेश होगा वो मान्य होगा। इसके अलावा किसानो ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति के साथ वार्ता करने से मना कर दिया। किसान नेताओ ने कहा कि वे इस समिति के साथ वार्ता नहीं करेंगे क्योकि समिति में शामिल चार सदस्य कृषि कानूनों के समर्थन कर रहे है। ये सभी सरकार लोग है इसलिए आंदोलन खत्म नहीं किया जायेगा। इसके अलावा किसानो ने कहा कि वे राजपथ पर 26 जनवरी को परेड के लिए तेयारिया और तेज करेंगे। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा था कि वे कानूनों को निरस्त करने के लिए तैयार है लेकिन अनिश्चित काल के लिए नहीं। मुख्य न्यायधीश सीजेआई बोबडे ने कहा कि हम कानूनों को निलंबित करने के लिए तैयार है लेकिन बिना किसी उद्देश्य के लिए नहीं।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कोर्ट को बताया कि केंद्र को जानकारी मिली है कि खालिस्तानियों ने किसानो के विरोध प्रदर्शन में घुसपैठ की है। न्यायलय द्वारा अटॉर्नी जनरल से पूछताछ के बाद यह प्रस्तुत किया गया तह कि वह उन आवेदनों में से एक में लगाए गए आरोपों की पुष्टि कर सकता है जो एक प्रतिबंधित संगठन विरोध प्रदर्शनों को वित्तपोषित करने की कोशिश कर रहा था। फिलाहल किसानो ने आंदोलन को जारी रखने का एलान किया है और कृषि कानूनों को पूर्ण तरीके से रद्द करने की मांग की है।

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