June 17, 2021

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निर्मला सीतारमण के बजट 2021 की 10 मुख्य बातें जो हर भारतीय नागरिक को समझनी चाहिए

निर्मला सीतारमण के बजट 2021 की 10 मुख्य बातें जो हर भारतीय नागरिक को समझनी चाहिए, वृतांत - Vritaant

जैसा कि हम सभी जानते हैं केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 का आम बजट घोषित कर दिया है। माना जा रहा है कि यह बजट बेहद ही विकट परिस्थितियों में लाया गया है जब देश गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है। बजट पर विशेषज्ञों की राय बंटी है जिसे समझना एक आम व्यक्ति के थोड़ा मुश्किल हो सकता है। यह बजट एक आम भारतीय के लिए किस प्रकार से प्रभावी सिद्ध होगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा। फ़िलहाल हम आपको बताते हैं बजट के वे 10 मुख्य बिंदु जो आपको समझने चाहिए और जिन्हे समझने के लिए आपको किसी विशेषज्ञ की राय लेने की भी आवश्यकता नहीं है।

1. सरकार आपके स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी ज्यादा चिंतित व जाग्रत हो रही है, समझिये-

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने इस बजट को पिछले घोषित किये बजटों की श्रेणी में ही रखते हुए एक अगला कदम मात्र बताया है। पिछले वर्ष के मुकाबले स्वास्थ्य के लिए बजट में कुल 137% का इज़ाफ़ा करते हुए सरकार ने इस वर्ष का कुल बजट 2 लाख 24 हजार करोड़ रखा है। सरकार ने स्वास्थ्य मंत्रालय को पिछले साल 65 हज़ार करोड़ दिए थे जो 10 फीसदी बढ़ाकर अब 71 हजार करोड़ कर दिए हैं। ड्रिंकिंग वाटर और सेनेटाइज़ेशन के लिए पिछले वर्ष 21,500 करोड़ मिले थे दिए थे जो अब बढ़ाकर 60 हज़ार करोड़ कर दिया गया है। ड्रिंकिंग वाटर और सेनेटाइजेशन के लिए 36 हज़ार करोड़ वित्त आयोग का ग्रांट भी अलग से दिया है। करीब 17500 करोड़ वैक्सीनेशन प्रोग्राम के लिए अलग से दिया है, हो सकता है भारत में कोरोना वैक्सीन फ्री में लगाई जाए।

हेल्थ इन्फ्राट्रक्चर को मजबूती देने के लिए सरकार ने अगले 6 वर्ष में 64000 करोड़ खर्च करने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 17 हजार व शहरी क्षेत्रों में 11 हजार हेल्थ और वेलनेस सेण्टर खोलने का ऐलान किया है। मुफ्त दवाइयां, मुफ्त टेस्ट, छोटी बीमारियों का मुफ्त इलाज जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। बच्चों को न्यूमोनिया, सेप्टिसीमिया यानी ब्लड पॉइजनिंग और मेनिन्जाइटिस यानी दिमाग और रीढ़ की हड्डी में होने वाली सूजन जैसी बीमारियों से बचाने के लिए लगाए जाने वाला टीका अब फ्री में लगाया जायेगा।

2. नई शिक्षा नीति पर ज़ोर देने की तैयारी –

सरकार ने स्कूली शिक्षा एवं उच्च शिक्षा पर पिछले वर्ष के मुकाबले बजट में क्रमशः करीब 2500 व 5000 करोड़ का इज़ाफ़ा किया है। सरकार ने देशभर की 15 हजार सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। देशभर में राज्य सरकारों, एनजीओ और प्राइवेट सेक्टर की मदद से 100 नए सैनिक स्कूल खोलने की तैयारी है। अनुसूचित जाति के 4 करोड़ विद्यार्थियों को आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके अलावा आदिवासी इलाकों में 758 एकलव्य स्कूल बनाए जाएंगे। लेह लद्दाख क्षेत्र के द्वारा लम्बे समय से मांगी जा रही सेंट्रल यूनिवर्सिटी को भी हरी झंडी दिखा दी गयी है।

3. बुज़ुर्गों का आयकर रिटर्न भरने का बोझ कम

सरकार ने बजट 2021 में 75 वर्ष या उससे अधिक की उम्र के बुजुर्गों के लिए आयकर में थोड़ी राहत देने का एलान भी किया है। जिन बुजुर्गों को पेंशन और ब्याज पर टैक्स की कैलकुलेशन के लिए CA की सहायता लेनी पड़ती थी वह अब नहीं लेनी होगी क्योंकि सरकार खुद ब खुद उनके खाते से टैक्स काटने की योजना बना चुकी है, इस हिसाब से उनका CA को भुगतान करने वाला खर्च बच जायेगा।

4. अब यह व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी क्या है?

सरकार की नई व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी योजना के अनुसार 20 साल पुराने निजी वाहन व 15 साल पुराने कमर्शियल वाहनों को फिटनेस टेस्ट करवाना अनिवार्य होगा। फिटनेस में फ़ैल होने वाले वाहनों को सड़क पर चलाने की अनुमति नहीं होगी अतः स्वतः ही कबाड़ हो जायेंगे। हालाँकि अभी फिटनेस में पास या फ़ैल होने के पैमाने क्या होंगे यह साफ़ नहीं है। सरकार ने यह पॉलिसी तीन मुख्य बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए लागू की है। पहला देश में वायु प्रदूषण में कमी आये जिसके लिए भारत वैश्विक स्तर पर आलोचना झेल रहा है। दूसरा लगभग रुका हुआ ऑटोमोबिल क्षेत्र का प्रगति का पहिया एक बार फिर अपनी रफ़्तार पकड़े यानी कि ऑटमोबिल इंडस्ट्री ग्रोथ करे और तीसरा यह कि ग्रीन एनर्जी यानी इलेक्ट्रिक व सीएनजी से चलने वाले वाहन सड़कों पर आएं। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह एक अच्छा कदम है। यह पॉलिसी 1 अप्रेल 2021 से लागू की जाएगी।

5. किसानों को एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रचर एन्ड डेवलपमेंट सेस के रूप में तोहफ़ा

कृषि कानूनों पर भारी विरोध झेल रही सरकार ने किसानों के हित में एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रचर एन्ड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लागू किया है। यह सेस सरकार ने पेट्रोल और डीजल समेत कई चीजों पर लागू किया है। पेट्रोल पर 2.50 रूपये प्रति लीटर और डीजल पर 4 रूपये प्रति लीटर सेस सरकार ने लगाया है। लेकिन इसकी ख़ास बात यह है कि इसका भार आमजन पर नहीं आएगा। दरअसल यह सेस सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती करके लागू किया है। इस सेस के लागू करने के बाद एकत्रित होने वाला धन केवल कृषि क्षेत्र के विकास में खर्च किया जायेगा।

6. पीएम आवास योजना की समयसीमा में बढ़ोतरी –

पीएम आवास योजना जिसमें नागरिकों को सरकार की ओर से लोन के ब्याज में कुछ रियायत मिलती थी वह मार्च 2021 में समाप्त होने जा रही थी। दरअसल यह एक पंचवर्षीय योजना थी परन्तु सरकार ने इसे 1 साल के लिए बढ़ा दिया है और अब यह मार्च 2022 तक लागू रहेगी। इस योजना को 1 वर्ष बढ़ाने के पीछे का कारण जानें तो मंदी और कोरोना क्राइसिस के कारण पीएम आवास योजना के तहत बनाये गए अपार्टमेंट्स खरीदने में लोगों ने कोई ख़ास दिलचस्पी नहीं दिखाई है।

7. विभिन्न राज्यों में इंफ्रास्ट्रचर को मिलेगी नई दिशा

कुछ राज्यों में आने वाले वर्षों में चुनाव हैं अतः इसका भी इस बजट में पूरा ध्यान रखा गया है। कई नये हाईवे का निर्माण व पुराने राजमार्गों नवीनिकरण किया जायेगा। इसके लिए पश्चिम बंगाल में 25000 करोड़ तथा असम में 34000 करोड़ खर्च किये जाने का ऐलान किया गया है। केरल राज्य के कोच्चि शहर में 1900 करोड़ की लागत से मेट्रो का निर्माण किया जायेगा। मुंबई-कन्याकुमारी जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी भारी भरकम खर्च करने की घोषणा की गई है। तमिलनाडु के चेन्नई में 180 किमी लम्बी मेट्रो का निर्माण किया जायेगा जिसके लिए अनुमानित 63000 करोड़ खर्च किये जायेंगे। वे तटीय इलाके जहाँ मछलियां पकड़ी जाती हैं वहाँ पांच फिशिंग हार्बर बनाये जायेंगे तथा तमिलनाडु में फिशिंग लैंडिंग सेण्टर को डेवलप किया जायेगा।

8. फिजिकल गोल्ड एक्सचेंज और LIC का एपीओ लाने की तैयारी

इस बजट की प्रमुख घोषणाओं में यह भी है कि शेयर बाजार की तरह सोने का ट्रेड शुरू करने के लिए भी सरकार ने SEBI को ही नियामक संस्था बनाया है। अब गोल्ड बॉन्ड के स्थान पर फिजिकल गोल्ड की डिलीवरी शुरू की जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोने और चाँदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी में 5% की कटौती की है, पहले यह 12.5% थी जो अब घटकर 7.5% रह गयी है। इससे सोने-चाँदी की कीमतों में गिरावट आना संभव है। सरकार ने लाइफ इंस्योरेंस कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया यानि कि LIC का आईपीओ लाने की घोषणा की है। इससे होगा यह कि अब LIC भी शेयर बाज़ार में लिस्टेड होगी और लोग इसके शेयर खरीद सकेंगे।

9. पीएफ में ब्याज पर टैक्स

भारत में आमतौर पर लोग पीएफ में निवेश करते हैं क्योंकि सेफ्टी के साथ-साथ रिटर्न बढ़िया मिलता है। लेकिन सरकार ने अब इस पर भी टैक्स लगाने की घोषणा कर दी है। अब ढ़ाई लाख से अधिक जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज पर सरकार द्वारा टैक्स की वसूली की जाएगी।

10. बैड बैंक पॉलिसी अब मूर्त रूप लेगी

पिछले कई सालों में आपने घोटालों का नाम सुना होगा, जिसमें बड़े-बड़े व्यवसायी बैंकों से उधार लेकर भाग गए या जेल काट रहे हैं। ऐसे ही बड़े गड्ढों से उबारने के लिए सरकार ने बेड बैंक की स्थापना करने की घोषणा कर दी है। वे बैंक जिनका बड़ा रुपया कहीं अटका है मिलने की उम्मीद मिट चुकी है वे रिकवरी का जिम्मा बेड बैंक को देंगे। हालाँकि यह एक करार के रूप में होगा लेकिन इससे बैंकों को डूबे रूपये निकालने में काफी मदद मिलेगी।