June 18, 2021

वृतांत – Vritaant

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EHCC हॉस्पिटल में कामकाजी महिलाओं के अधिकारों से जुड़े कानूनों पर सेमिनार

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कामकाजी महिलाओं के अधिकारों से जुड़े कानूनों को लेकर जागरूकता फ़ैलाने के लिए के लिए, इटरनल हार्ट केयर सेंटर एवं रीसर्च संस्थान (EHCC Hospital) प्राइवेट लिमिटेड जयपुर में 2 सेमिनार का आयोजन हुआ।

सेमिनार में डॉ विजयलक्ष्मी ने राजस्थान जुडिशियरी से जुडी विशाखा गाइडलाइन्स का जिक्र करते हुए भंवरी देवी का जिक्र किया। राजस्थान की विशाखा बनाम राज्य अधिनियम के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। यह निर्देश महिला सुरक्षा कानून के नियम 9 के तहत जारी किए गए। अधिनियम का मुख्य उद्देश्य महिला के हितों की रक्षा करना है। जिस पर इस सेमिनार में प्रोफेसर ने चर्चा की

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कैसे अस्तित्व में आई ये विशाखा गाइड लाइन्स और भंवरी देवी

भंवरी देवी राज्य सरकार की महिला विकास कार्यक्रम के तहत काम करती थीं। जयपुर के करीब एक बाल-विवाह को रोकने की कोशिश के दौरान उनकी बड़ी जाति के कुछ लोगों से दुश्मनी हो गई। जिसके बाद कुछ लोगों ने उनके साथ गैंगरेप किया। इसमें कुछ ऐसे लोग भी थे जो बड़े पदों पर थे।

न्याय पाने के लिए भंवरी देवी ने इन लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज कराया लेकिन सेशन कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। क्योंकि गांव पंचायत से लेकर पुलिस, डॉक्टर सभी ने भंवरी देवी की बात को सिरे से ख़ारिज कर दिया।

इसके बाद विशाखा NGO के साथ अपनी लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए भंवरी ने न्याय प्राप्त किया जिन्हे Vishakha Guidelines का नाम मिला।

लॉ प्रोफेसर डॉ विजयलक्ष्मी शर्मा  राजस्थान, दिल्ली और कोलकाता सहित देशभर के अनेक संस्थानों में आइसी (Internal Committee) का हिस्सा है जो सेक्सुअल हर्रेसमेंट के खिलाफ कानूनों को लेकर जागरूकता फैला रही थी।