July 29, 2021

वृतांत – Vritaant

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किसान आंदोलन : राजस्थान सहित देश भर में दिखा किसानो के रेल रोको अभियान का असर

केंद्र के कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानो ने 18 फरवरी को रेल रोको अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत देशभर के किसानो ने देश में रेलवे ट्रैकों को जाम कर दिया और ट्रेनों की आवाजाही को रोक दिया। इस रेल रोको अभियान का असर पुरे देश भर में दिखा और राजस्थान सहित देश के कई राज्यों के किसानो ने इस अभियान को आगे बढ़ाया। इस अभियान का असर देश में दक्षिण भारत सहित पूर्वी भारत में भी देखने को मिला। राजस्थान में कई जिलों में किसानो ने रेलवे ट्रैकों को जाम कर दिया। यह अभियान किसानो द्वारा दोपहर 12 बजे से शुरू किया गया और शाम 4 बजे तक इस अभियान को चलाया गया।

राजस्थान के ६ जिलों में रेलवे ट्रैकों को जाम कर दिया गया जिसके बाद ट्रेनों को रोक दिया गया। राजस्थान के जयपुर सहित अलवर, कोटा, बूंदी आदि जिलों में रेलवे ट्रैकों को जाम कर दिया गया। जयपुर के गाँधी नगर रेलवे स्टेशन और जगतपूरा रेलवे स्टेशन पर किसानो ने रेलवे ट्रैकों को जाम कर केंद्र सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया। इसके अलावा जयपुर के चौमू में भी किसानो ने रेल पटरियों पर कब्ज़ा कर लिया और ट्रेनों को रोक दिया। राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों जैसे दिल्ली, पश्चिमी बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, पंजाब आदि राज्यों में किसानो ने रेल रोको अभियान को अंजाम दिया।

इस रेल रोको अभियान की घोषणा के बाद सरकार ने सुरक्षा को और तेज कर दिया। सरकार ने राजधानी दिल्ली में सबसे प्रभावित स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा को कड़ी कर दिया जिससे इस अभियान के दौरान कोई भी अशांति का माहौल ना बन पाए। हालाँकि इस रेल रोको अभियान को पुरे अनुशासन के साथ लागु किया गया। किसानो ने बिना किसी सार्वजानिक संपत्ति को नुकसान पहुचाये बिना ट्रैन पटरियों को जाम कर दिया। इस रेल रोको अभियान के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने हरियाणा में कहा कि सरकार यह न देखे कि किसान फसलों को काटने के लिए जायेंगे। अगर किसानो ने हैट कर ली तो वे फसलों को जला देंगे। राकेश टिकैत ने कहा कि हम किसान आंदोलन के साथ फसल भी कर सकते है।

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