June 17, 2021

वृतांत – Vritaant

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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, अब अभिभावकों को स्कूल की पूरी फीस चुकानी होगी

supreme court order to pay 100% school fees, वृतांत - Vritaant

साल 2020 में कोरोना महामारी के कारण स्कूलों को बंद कर दिया गया और स्कूल में पढ़ने वाले बच्चो की पुरे साल भर ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित की गयी। इसके स्कूलों ने पूरी फीस की मांग की और अभिभावकों ने इसके के मना कर दिया। राजस्थान हाई कोर्ट ने इस मामले में कुछ महीने पहले अपना फैसला सुनाया था, जिसमे स्कूलों को केवल 70% तक ही फीस लेने का आदेश दिया था। इस आदेश को चुनौती देने के लिए स्कूलों और अभिभावकों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुना दिया और इस फैसले में स्कूलों को 100% फीस लेने की छूट दी।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से अभिभावकों को बड़ा झटका लगा है, क्योकि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला पूरी तरह से स्कूलों के पक्ष में गया है। राजस्थान हाई कोर्ट के द्वारा दिए गए आदेश के अनुसार पहले अभिभावकों को केवल 70% तक ही स्कूल फीस चुकानी थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाई कोर्ट के इस फैसले पर रोक लगा दी और स्कूलों को पूरी फीस वसूलने की छूट दे दी। सुप्रीम कोर्ट ने 5 मार्च से अभिभावकों को छह किस्तों में स्कूल की फीस चुकाने के लिए कहा है। हालाँकि सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि यदि अभिभावकों समय पर फीस नहीं चूका पाते है तो उनके बच्चे का स्कूल से नाम नहीं काटा जायेगा और न ही बोर्ड की 10वी और 12वी की परीक्षाओ से वंचित किया जायेगा। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से भी कहा है कि वे आरटीई एडमिशन की बकाया राशि एक माह के भीतर जमा करे।

स्कूलों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर की गयी याचिका में कहा कि राज्य सरकार को स्कूलों की फीस तय करने का कोई हक़ नहीं है और राजस्थान हाई कोर्ट ने भी स्कूलों से उनका यह हक़ छीन लिया है। कृपया इस आदेश पर रोक लगायी जाये और स्कूलों की फीस तय करने का हक़ सिर्फ स्कूलों को ही दिया जाये। इसके अलावा अभिभावकों का कहना है कि पुरे साल भर स्कूलों के बंद रहने से बच्चो की पढाई थी से नहीं हुई है। इसके अलावा स्कूलों में बच्चो के न होने बिजली, पानी और बसों का खर्च भी बचा है। ऐसे में स्कूल पूरी फीस कैसे ले सकते है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला स्कूलों के पक्ष में ही दिया है। इस मामले में अंतिम सुनवाई अप्रैल में की जाएगी।