August 5, 2021

वृतांत – Vritaant

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एक दिन में 46 हजार के पार हुए कोरोना केस, एक दिन में मौतों का आँकड़ा भी पिछले चार माह में सर्वाधिक – Corona again in India 2021

 

21 मार्च 2020 तो आपको याद ही होगा। कोरोना की रोकथाम के लिए प्रधानमंत्री ने जनता कर्फ्यू के लिए आह्वान किया था। प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर देश की जनता ने अपने आप को घरों में बंद किया था और कोरोना से लड़ाई में खुद को झोंक दिया था। और फिर मांग शुरू हुई थी कोरोना के टीकाकरण की। इस बात को पूरा एक साल बीत गया, वैक्सीन भी आ चुकी लेकिन कोरोना रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

ICMR के डाटा के अनुसार बीते 24 घंटों में 46 हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। इसे कोरोना की नई लहर बताया जा रहा है। दुनियाभर में नई लहर का प्रकोप देखने को मिल रहा है। भारत के पांच राज्य, मुख्यतया महाराष्ट्र इसकी भयंकर चपेट में है। अब सवाल यह उठता है कि कोरोना की यह नई लहर कितनी खतरनाक है? वैक्सीन होते हुए भी हम कोरोना को काबू क्यों नहीं कर पा रहे हैं? क्या टीकाकरण की लचर रफ़्तार कोरोना को रोक पायेगी? क्या फिर से देशव्यापी लॉकडाउन लगने के आसार हैं? आइये जानते हैं-

थाली बजवाने वाली घटना को लेकर सरकार की किरकिरी

जनता कर्फ्यू के एक साल पूरा होने पर सोशल मीडिया पर मोदी सरकार की जमकर किरकिरी हुई। पुराने वीडियोज के मीम बनाकर शेयर किये गए। आपको बता दें कि दिनांक 21 मार्च को देश में कोरोना के 46 हजार 951 मामले सामने आये हैं। यह नवम्बर के बाद से आये मामलों में अब तक के सबसे ज्यादा हैं। इसके अलावा एक दिन में मरने वालों की संख्या 200 के पार पहुँच चुकी है। रविवार को मरने वालों की संख्या 212 रही। इस तरह देश में कुल सक्रीय मामलों की संख्या अब बढ़कर 3 लाख 45 हजार हो चुकी है।

कोरोना के बढ़ते मामलों की यह संख्या बहुत ही भयावह तस्वीर बना रही है। प्रतिदिन आ रहे मामलों में 6 राज्य ऐसे हैं जिनकी हिस्सेदारी 84 प्रतिशत से अधिक है। यह राज्य हैं – महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु व मध्यप्रदेश। अकेले महाराष्ट्र में 21 मार्च को 30 हजार से अधिक मामले दर्ज किये गए। इनके अलावा गुजरात, राजस्थान एवं हरियाणा में भी एक्टिव मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

देश में कोरोना वैक्सीनेशन की रफ़्तार

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार देश में अब तक 4,84,94,594 लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है। विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि देश में जितने लोगों को वैक्सीन लगाई गई है उससे अधिक कोरोना डोज़ विदेशों में भेजी जा चुकी है। इस पर जवाब देते हुए सरकार ने कहा है कि 16 जनवरी से देश में शुरू हुई टीकाकरण की प्रक्रिया के तहत अब तक कुल 4 करोड़ 50 लाख 65 हज़ार लोगों को वैक्सीन की पहली डोज़ लगाई जा चुकी है और करीब 75 लाख लोगों को उसरी डोज़ लगाई जा चुकी है। केंद्र ने कहा कि उसने राज्यों को कोविशिल्ड और कोवैक्सीन के 7 करोड़ 54 लाख डोज़ दिए हैं तथा नया आर्डर भी दिया जा चुका है।

विशेषज्ञों ने सरकार को वैक्सीनेशन की गति बढ़ाने की सलाह दी है साथ ही यह भी कहा है कि उन क्षेत्रों में वैक्सीनेशन को एक बूस्टर दिया जाए जहाँ कोरोना की मामलों में भारी इज़ाफ़ा देखने को मिल रहा है। इसके अलावा खरीदकर टीका लगवाने की व्यवस्था को जल्द से जल्द मूर्त रूप देने की आवश्यकता है। केंद्र ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि कोरोना की पहली एवं दूसरी डोज़ के बीच 6 से 8 हफ्तों का अंतर रखा जाए। इससे पूर्व यह 4 सप्ताह का अंतर ही रखा जा रहा था। इसके अलावा केंद्र ने राज्यों को वैक्सीनेशन की गति बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं।

देशव्यापी लॉकडाउन की कितनी सम्भावना है?

कई राज्यों ने चुनिंदा शहरों में नाईट कर्फ्यू जारी करने के निर्देश दिए हैं। महाराष्ट्र ने नागपुर एवं ठाणे में 31 मार्च तक का लॉकडाउन लगाया इसकी जानकारी तो हम सभी को है। हालाँकि देशव्यापी लॉक डाउन की दूर-दूर तक कहीं कोई आशंका नज़र नहीं आती है। केंद्र और प्रदेश सरकारों का आरोप-प्रत्यारोप यूँ ही चलता रहेगा हमारी आप सभी से अपील है कृपया कोरोना मानकों का ख्याल रखें और अपने और अपने परिवार को सुरक्षित करें।

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