January 20, 2022

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पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए सरकार की कोई योजना नहीं, वित्त मंत्री ने किया स्पष्ट

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमते बहुत ही ज्यादा बढ़ गयी है और इसकी मुख्य वजह है सरकारों द्वारा अलग अलग टैक्स। पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार द्वारा अलग टैक्स लिया जाता है और उसके अलावा राज्य सरकारे भी इस पर वेट लेती है। यानि देश में पेट्रोल और डीजल पर अलग अलग टैक्स के कारण देश के राज्यों और शहरो में पेट्रोल और डीजल की कीमत अलग अलग होती है। लेकिन बीते कुछ सालो से पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लेने की बाटे चल रही है। इस बारे सरकार द्वारा भी पहले एक बयान दिया गया था जिसमे कहा गया था कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लिया जायेगा या नहीं इसका फैसला जीएसटी कॉउंसिल करेगी। लेकिन हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ़ कर दिया है कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।

उन्होंने कहा कि क्रूड पेट्रोलियम, पेट्रोल, डीजल, एविएशन टरबाइन फ्यूल और नेचुरल गैस को जीएसटी के दायरे में लाने के बारे में अभी कोई विचार नहीं है। उन्होने यह बयान लोकसभा में दिया जिसमे उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लेने के लिए जीएसटी कॉउंसिल ने अभी कोई सुझाव नहीं दिया है। जब जीएसटी कॉउंसिल की तरफ से कोई सुझाव दिया जाता है तो इसके बारे सरकार विचार करेगी। इसके अलावा अनुराग ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकारों को पेट्रोलियम पर लिए जा रहे टैक्स के बारे आपस में विचार करना चाहिए। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के लिए बढ़ते हुए उठते हुए सवालो से अब उम्मीद की जा रही है कि सरकार जल्द ही पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले टैक्स के बारे में कोई अहम् फैसला ले सकती है।

पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के ऊपर बहुत ही जोर दिया जा रहा है इसका कारण है देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों का बहुत ही ज्यादा होगा जिससे अब आम आदमी इस महंगाई के बोझ तले डाब गया है। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल की कीमतों के बढ़ने के कारण देश में केंद्र सरकार और राज्य सरकारों की कमाई में वृद्धि हुई है। लेकिंन अब देश में पेट्रोल और डीजल की  बढ़ी हुई कीमतों को कम करने के लिए इन्हे भी जीएसटी के दायरे  में लाने की बाते की जा रही  है ताकि देश के सभी राज्यों में पेट्रोल और डीजल की कीमते समान हो सकेगी। इसके अलावा एक टैक्स लगने के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी भी आ सकेगी। फ़िलहाल सरकार ने इस विचार के बारे में आधिकारिक घोषणा नहीं की है लेकिन उम्मीद की जा रही है कि आने वाले कुछ दिनों में इस टैक्स को लेकर सरकार महत्वर्पूण फैसला कर सकती है।

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