July 29, 2021

वृतांत – Vritaant

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पेट्रोल और डीजल की तरह खाने के तेल भी हो गया है महँगे, सभी खाद्य तेलों की के दाम बढे

देश में हर वस्तु की कीमत दिनों दिन बढ़ती जा रही है और देश में आम आदमी पर महंगाई की मार पड़ रही है। देश में पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छू रहे है और ऐसे में अब खाद्य तेल के भी दाम बढ़ चुके है। दस साल में फली बार ऐसा हुआ है कि खाद्य तेल के दाम इतने ऊँचे स्तर पर पहुंचे है। देश में पेट्रोल-डीजल के अलावा रसोई गैस और दालों की कीमत ने आम आदमी के बजट को बिगड़ दिया है। कच्चे पाम आयल  का दाम 1,105 रूपए प्रति 10 किलोग्राम पहुंच गया है। इसके कारण सभी खाद्य तेलों की कीमत बढ़ गयी है और विशेषज्ञों के अनुसार यह आने वाले दिनों में और भी ज्यादा बढ़ जाएगी।

आम आदमी के ऊपर इससे खर्च का भार और बढ़ जायेगा लेकिन इन बढ़ी हुई कीमतों के कारण किसानो को फायदा होगा। तिलहन के भी भाव पहली बार एमएसपी के भी ऊपर चले गए है। ऐसे में तेल की फसलों के लिए किसानो को अधिकतम कीमत मिल सकेगी। इससे घरेलू बाजार पर भी असर हुआ है और खाद्य तेल 60 प्रतिशत तक महँगा हो चूका है। इसके अलावा अनुमान लगाया जा रहा है कि तेल की कीमतों में अभी और बढ़ोतरी हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार पूरी दुनिया में खाद्य तेल एक स्टॉक खत्म होता जा रहा है और मलेशिया में भी मजदूरों की कमी है। इसके अलावा देश में शादियों के सीजन के शुरू हो जाने के कारण भी तेल की कीमतों में तेजी आ रही है और यह तेजी आने वाले दिनों में और ज्यादा हो सकती है।

इसके अलावा देश में सरसो के उत्पादन में भी बढ़ोतरी होने का अनुमान लगाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि इस साल देश में 85 लाख टन सरसो का उत्पादन हो सकता है, जो कि पिछले साल के उत्पादन 76 लाख टन से 12 फीसदी ज्यादा होगा। देश में मंडियों में सरसो की बोरियो का आना बढ़ रहा है क्योकि यह सरसो की कटाई सबसे सही अनुकूल मौसम है। इस साल देश में सरसो की प्रचुरता होने के कारण आने वाले दिनों में सरसो के तेल की कीमत कम हो सकती है। फ़िलहाल देश में सरसो के तेल की कीमत 1480 रूपए प्रति 10 किलो ग्राम है जो कि बहुत ही ज्यादा है। इस समय देश की जनता इस बढ़ती हुई महंगाई से झूझ रही है और यह महंगाई लगातार बढ़ रही है।

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