July 29, 2021

वृतांत – Vritaant

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अब कौनसा कानून बनाने जा रही है मोदी सरकार, जिसका जबरदस्त विरोध कर रही है दिल्ली की केजरीवाल सरकार

मोदी सरकार ने संसद में GNCTD (Amendment) Bill, 2021 पेश किया है जिसके बाद से केंद्र एवं दिल्ली की आम आदमी सरकार में तीखी नोकझोंक देखी जा रही है। दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने इस बिल को असंवैधानिक करार दिया है एवं भाजपा पर निरंकुशता की मंशा जाहिर करने का आरोप लगाया है। आखिर क्या है यह बिल और क्या है इसमें होने वाला संशोधन आइये आपको बताते हैं।

आज़ाद भारत में दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र होने के कारण केंद्र एवं दिल्ली सरकार में हमेशा ही तनातनी देखी गयी है। इस लम्बी तनातनी को ख़त्म किया गया था संविधान में अनुच्छेद 239 A एवं 239 B के तहत। इन अनुच्छेदों के तहत एक कानून बनाया गया जिसे GNCTD Act 1991 यानी की Government of National Capital Territory of Delhi Act 1991 कहा गया। इस कानून के अनुसार LG यानि की Lieutenant Governor को दिल्ली का प्रशासक बनाया गया। तथा साथ ही दिल्ली के सामान्य विकास के लिए क्षेत्र में चुनाव एवं जनता द्वारा चुनी गयी सरकार द्वारा शासन चलाने की व्यवस्था भी की गई।

वर्ष 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार एवं दिल्ली में अरविन्द केजरीवाल के नेतृत्व में आप की सरकार चुनी गयी। तभी से केंद्र एवं दिल्ली की सरकार में लगातार क्लेश पुनः पनपने लगा है। आपको ज्ञात होगा कि किस प्रकार अपने शुरूआती दौर में केजरीवाल बात-बात पर धरने पर बैठ जाया करते थे। उनका कहना था कि LG उनके कार्यों में अड़ंगे लगा रहा है तथा कार्य नहीं करने दे रहा।

हालाँकि केजरीवाल के धरने ख़त्म हो गए परन्तु दोनों के बीच खींचतान ख़त्म नहीं हुई। इसी के चलते मामला वर्ष 2018 में सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा जहाँ कोर्ट ने साफ़ किया कि जनता द्वारा चुनी हुई सरकार ही दिल्ली की सरकार होगी परन्तु केंद्र सरकार को LG के माध्यम से प्रशासनिक मामलों की जानकारी रखने का अधिकार होगा। दिल्ली सरकार द्वारा नीतिगत फैसले LG की सहमति बगैर नहीं लिए जा सकेंगे। आपको बता दें कि दिल्ली की पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्था तथा जमीन से जुड़े मामलों का अधिकार क्षेत्र LG के तहत आता है।

जानिए क्या है बिल के संशोधन में कि विरोध कर रही है केजरीवाल सरकार

15 मार्च 2021 को लोकसभा में प्रस्तुत किये गए Government of National Capital Territory of Delhi (Amendment) Bill, 2021 के अनुसार सेक्शन 21 में बदलाव की बात कही गयी है। संशोधन के अनुसार विधानसभा में बने किसी भी कानून में सरकार का मतलब लेफ्टिनेट गवर्नर होगा। अब तक व्यवस्था थी कि दिल्ली सरकार द्वारा पास किये गये कानूनों पर LG मुहर लगाती है अर्थात वह किसी भी कानून को रोक सकती है।

परन्तु संशोधन (सेक्शन 24 ) के मुताबिक दिल्ली सरकार को अब विधानसभा के अधिकार क्षेत्र से बाहर पारित किसी भी कानून पर सहमती नहीं दी जाएगी। 2018 के फैसले के बाद सिर्फ नीतिगत मामलों की फिलें ही LG के पास भेजी जाती थी परन्तु अब हर तरह के फैसले के फाइल LG के पास भेजना जरुरी होगा। इसके अलावा दिल्ली सरकार के रोज़मर्रा की चीजों पर समिति बनाने के अधिकार को भी समाप्त किया जायेगा। अतः अब दिल्ली सरकार प्रदुषण, दिल्ली दंगों आदि पर समितियां बनाकर प्रशासनिक फैसलों की जांच नहीं कर पाएंगी।

इस बिल के विरोध में आप के दिल्ली संयोजक गोपाल राय ने कहा है कि दिल्ली सरकार की ताकत LG के पास चली जाएगी तो बिजली-पानी, फ्री हेल्थ सेवा और महिलाओं का बस में फ्री यात्रा की सेवा बंद हो जाएगी। आप के मुख्य नेताओं ने इस कानून को भाजपा की बैकडोर एंट्री बताया है तथा निरंकुशता करार दिया है। आप के मुख्य नेताओं संजय सिंह, मनीष सिसोदिया आदि ने इसके विरोध में बुधवार को जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इसके उलट भाजपा ने इस बिल को दिल्ली चलाने वालों के लिए नियम कायदे साफ़ और सटीक करने वाला बिल बताया है तथा केंद्र एवं दिल्ली सरकार में वर्षों से चले आ रहे तनाव को ख़त्म करने वाला बताया है।

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