June 18, 2021

वृतांत – Vritaant

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नए वित्तीय वर्ष से मोदी सरकार सरकारी कर्मचारियों के लिए लागु कर सकती है नए नियम

new rules for govt employees from 1 april, वृतांत - Vritaant

मोदी सरकार 1 अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष से सरकारी कर्मचारियों की ग्रेच्युटी, पीएफ और काम के घंटो में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मोदी सरकार काम के घंटो, काम के दिन, ओवर टाइम, ब्रेक का समय और दफ्तर में कैंटीन जैसे नियमो में बदलाव कर सकती है। इन नए नियमो में सरकारी कर्मचारी 5 घंटे से ज्यादा लगातार काम नहीं करेंगे और उन्हें बीच में आधे घंटे का ब्रेक दिया जायेगा। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और भविष्य निधि (पीएफ) में बढ़ोतरी की जा सकती है। दूसरी तरफ कर्मचारियों को मिलने वाले पैसे में कमी की जा सकती है। इसकी वजह से पिछले साल संसद में पास किये गए तीन मजदूरी सहिंता विधेयकों को भी सरकार 1 अप्रैल से लागु कर सकती है। हालाँकि इन विधेयक के नियमो पर चर्चा की जा रही है और इसको लागु करने की योजना तैयार की जा रही है इससे इसके लागु होने में देरी हो सकती है।

मजदूरी के नए नियमो के तहत भत्ते कुल वेतन के अधिकतम 50 फीसदी या अधिक होंगे। इससे सरकार का दावा है कि नियोक्ता और श्रमिकों दोनों कि लिए फायदेमंद साबित होंगे। नए नयमो के अनुसार कर्मचारियों के वेतन का प्रारूप बदलेगा क्योकि गैर भत्ते वाला हिस्सा आमतौर पर कुल वेतन के 50 फीसदी से कम हो जाता है। मूल वेतन बढ़ जाने से पीएफ में भी बढ़ोतरी होगी क्योकि पीएफ मूल वेतन पर आधारित होता है। पीएफ में बढ़ोतरी होने से हाथ में आने वाले वेतन में कटौती होगी।

पीएफ में बढ़ोतरी होने से रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि में भी बढ़ोतरी होगी। इससे रिटायरमेंट के बाद लोगो को और ज्यादा सुविधा मिल सकेगी। उच्च भुगतान वाले अधिकारियो के वेतन संरचना में सबसे अधिक बदलाव आएगा और इससे वे ही सबसे ज्यादा प्रभवित होंगे। पीएफ और ग्रेच्युटी बढ़ने से कंपनियों की लागत में भी वृद्धि होगी। नए नियमो में काम के घंटो को बढ़ाकर 12 कर दिए जाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा काम के दिन को घटाकर 4 दिन और तीन दिन की छुट्टी का प्रस्ताव पेश किया गया है। ओवरटाइम में भी 30 मिनट से कम के काम को ओवरटाइम नहीं माना जायेगा। कर्मचारियों को हर पांच घण्टे काम के बाद आधे घंटे का ब्रेक भी दिया जायेगा।