June 17, 2021

वृतांत – Vritaant

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अब पुरे देश में मालगाड़ियों से ही होगी माल की ढुलाई, सरकार कर रही है फ्रेट कॉरिडोर पर काम

railway constructing freight corridor for good supply, वृतांत - Vritaant

भारत में माल एक जगह से दूसरी जगह पर माल को पहुचाने के लिए अब पुरे देश में मालगाड़ियों का उपयोग जयादा होगा जिसके बाद देश में सप्लाई को बढ़ाने में मदद मिलेगी और देश में उत्पादन भी बढ़ जायेगा जिससे महंगाई से छुटकारा मिल सकेगा। इसके लिए सरकार डेडिकेटेड फ्रेट  कॉरिडोर का निर्माण करने के लिए कार्य कर रही है जिससे देश में कम समय में ही माल को पंहुचा दिया जायेगा। अभी देश में माल को एक पहुचाने के लिए ट्रेनों का इस्तेमाल बहुत ही कम होता है जिससे देश में उत्पादन के लिए माल समय पर नहीं पहुंच पाता है और ऐसे में सप्लाई पूरी नहीं होने पर महंगाई भी बढ़ जाती है। इसके अलावा इसका खर्च भी बहुत ही ज्यादा हो जाता है क्योकि मालगाड़ियों की पहुंच कम होने के कारण लोग ट्रको का उपयोग करते है जिससे माल ढुलाई का खर्च बढ़ जाता है और वस्तुए महंगी हो जाती है।

इस समस्या को दूसरे देशो की तरह सुलझाने के लिए सरकार डेडिकेटेड फ्रेट  कॉरिडोर पर काम कर रही है जिससे देश में माल को केवल ट्रेनों से ही पहुंचाया जायेगा और इससे ट्रको का इस्तेमाल कम हो जायेगा। इससे माल आधे समय में ही निर्धारित स्थान पर पहुंच सकेगा और इसको को पहुचाने का खर्च भी बहुत ही कम हो जायेगा। इन ट्रेनों की गति को भी बढ़ा दिया जायेगा जिससे ये कम समय में ही माल को पंहुचा सकेगी। रेलवे ने को अभी फ़िलहाल माल ढुलाई में बहुत घाटा होता है क्योकि ज्यादातर देश में सड़को पर ट्रको द्वारा माल की ढुलाई की जाती है और इसका खर्च भी बहुत ही ज्यादा आता है। इस समस्या को समाधान करने के लिए रेलवे ने यह योजना तैयार की है जिससे अब देश के हर कोने में केवल ट्रेनों से ही माल की ढुलाई की जा सकेगी।

अभी माल गाड़ियों से माल की ढुलाई करने में सबसे बड़ी समस्या आती है कि देश में चलने वाली माल गाड़ियों को यात्री ट्रेनों वाले रास्तो पर ही चलाया जाता है जिससे कई बार अन्य ट्रेनों को गुजारने के लिए इनको रोकना भी पड़ता है जिससे ये माल की ढुलाई करने में बहुत अधिक समय लेती है। इसके अलावा ये मालगाड़िया कई कई दिनों तक कड़ी रहती है क्योकि इन गाड़ियों में माल को भरने के लिए ट्रको से माल को लाया जाता है जो कि इनसे दूर स्थित स्थान पर होता है। ऐसे में इस माल का खर्च दोगुना हो जाता है क्योकि इसमें ट्रको का इस्तेमाल भी हो रहा है और मालगाड़ी का खर्च भी इसमें शामिल हो जाता है जिससे केवल माल को पहुचाने का खर्च ही बहुत ज्यादा हो जाता है। इससे उत्पादन में कमी आती है और वस्तुए महंगी हो जाती है। लेकिन अब डेडिकेटेड फ्रेट  कॉरिडोर के बन जाने के बाद मालगाड़ियों का अलग रास्ता बना दिया जायेगा और इन्हे कही भी रुकने की जरुरत नहीं होगी। इसके अलावा इनके स्टेशनो को भी बनाने में भी नयी तकनीक का उपयोग किया जायेगा जिससे इनको लोड और अनलोड आसानी से और कम में समय में किया जा सकेगा।