June 18, 2021

वृतांत – Vritaant

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अब भारत में हो सकेगा चिप सेट का निर्माण, सरकार ने पेश की योजना

1 billion doller incentive by indian govt, वृतांत - Vritaant

आने वाले समय में भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में हमे काफी कुछ नया देखने को मिलेगा और अब भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स के हर एक भाग आंतरिक और बहरी भाग का निर्माण भी भारत में हो सकेगा। ऐसे में हम लगातार मेड इन इंडिया स्मार्टफोन के बारे में सुनते आये है और अब आने वाले समय में यह कार्य एक लेवल और आगे जाने वाली है। जब से भारत में स्मार्टफोन का उत्पादन शुरू हुआ है तब से कुछ चीज़ो को भारत  में ही बनाया जाता था और कुछ चीज़े विदेशो से मंगाए जाते थे जिसके बाद भारत में उन्हें स्मार्टफोन में लगाया जाता था। लेकिन अब समय के साथ यह हुआ कि अलग अलग स्मार्टफोन निर्माता कम्पनिया यह चाह रही है कि बाकि की चीज़ो को भी वे भारत में ही निर्माण करे। ऐसे में भारत में फ़ोन की बैटरी, चार्जर, यूएसबी केबल, बैक पैनल और मोटर्स आदि बनाये जा रहे है लेकिन किसी फ़ोन का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है उसकी चिप जो कि भारत में नहीं बनती है।

अभी तक भी भारत में चिप सेट निर्माण के सुविधाएं और तकनिकी उपकरण नहीं है। भारत में फ़िलहाल चिप सेट निर्माण के लिए जरुरी इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है और चिप सेट के निर्माण के लिए अलग अलग प्रोसेस काम में ली जाती है जिनको बनाने की सुविधा भारत में नहीं है। किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जिसने चिप का इस्तेमाल होता है वह चिप भारत में नहीं बन रही है और इन्हे विदेशो से इम्पोर्ट किया जाता है। अब भारत में चिप सेट का निर्माण नहीं होने का मुख्य कारण है बहुत बड़ा निवेश जो कि एक दम से सम्भव नहीं है।  लेकिन अब आने वाले समय में हमे यह हालात बदलते हुए नजर आने वाले है क्योकि हाल ही एक खबर सामने आयी है जिसने भारत सरकार द्वारा केश इंसेंटिव की राशि 1 बिलियन डॉलर होगी।

यह इंसेंटिव भारत सरकार हर उस कंपनी को देगी जो भारत में अपनी चिप निर्माण सुविधाएं स्थापित करती है और भारत में चिप सेट का निर्माण करती है। जैसे ताइवान की कंपनी टीएसएमसी ताइवान में चिप सेट का निर्माण करती है और अगर ऐसे में अगर वह ताइवान के अलावा भारत में भी अपनी चिप निर्माण सुविधा को शुरू करे या फिर अन्य कोई कंपनी भारत में अपनी चिप निर्माण को शुरू करती है तो भारत सरकार द्वारा 1 बिलियन डॉलर का इंसेंटिव दिया जायेगा जो कि लगभग 7,300 करोड़ रूपए है। यह योजना भारत को स्मार्टफोन उत्पादन के मामले में या इलेक्ट्रॉनिक्स के उत्पादन के मामले में एक कदम आगे ले जाएगी। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि आने वाले समय में भारत टेक्नोलॉजी का हब बन सकता है।