August 3, 2021

वृतांत – Vritaant

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Chaitra Navratri / Vasantiya Navratri: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन किस शुभ समय में करें घटस्थापना, जानिये पूजन सामग्री व घटस्थापना विधि-

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Chaitra Navratri / Vasantiya Navratri : चैत्र नवरात्रि के पहले दिन इस शुभ समय में करें घटस्थापना। जानिये पूजन सामग्री व घटस्थापना विधि-

घटस्थापना का शुभ मुहूर्त :-

दिन- मंगलवार

तिथि- चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ,13 अप्रैल 2021

घट स्थापना शुभ मुहूर्त- सुबह 05 बजकर 28 मिनट से सुबह 10 बजकर 14 मिनट तक।

कुल अवधि- 04 घंटे 14 मिनट

चैत्र माह आरम्भ हो गया है, नवरात्रि आने में अब कुछ ही समय शेष है। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की नौ दिन पूजा अर्चना की जाती है। मां दुर्गा का शुभ आशीष और सानिध्य पाने के लिए भक्त नौ दिन तक उपवास भी रखते हैं। वैसे तो साल में चार नवरात्रि आते हैं। चैत्र और शारदीय नवरात्रि के अलावा दो गुप्त नवरात्रि भी आते हैं शास्त्रों के अनुसार जिन का व्रत सामान्य जन के लिए वर्जित हैं । इस साल चैत्र नवरात्रि 13 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं और जिनका समापन 21 अप्रैल 2021 को होगा।

नवरात्रि के प्रथम दिवस मां दुर्गा की पूजा के साथ कलश स्थापना भी की जाती है। नवरात्रि के दौरान कलश स्थापना का महत्व शास्त्रों पुराणों में भी वर्णित है। माना जाता है कि नवरात्रि के दौरान कलश स्थापना से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। जानिये कब है कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त, पूजा साम्रगी व घटस्थापना विधि-

चैत्र नवरात्रि घटस्थापना के लिए पूजन सामग्री :-

चौड़े मुंह वाला मिट्टी का एक बर्तन, मिटटी या धातु का कलश, जौं , पवित्र स्थान की मिट्टी, गंगा जल मिश्रित जल , पान का पत्ता कलावा/मौली, आम या अशोक के पत्ते , जटा वाला, नारियल, सुपारी, कपूर ,सामग्री गाय के गोबर का कंडा अक्षत (कच्चा साबुत चावल), पुष्प और पुष्पमाला, लाल कपड़ा, मिठाई, सिंदूर, दूर्वा इत्यादि।

नवरात्रि घटस्थापना पूजा विधि Chaitra Navratri-

*चौकी पर लाल वस्त्र बिछा कर उस पर मौली बांधें गंगाजल का छिड़काव करें और माता जी की प्रतिमा स्थापित करेंl पूजा पूर्व या उत्तर की और मुख करके करेंl

*सर्व प्रथम मिट्टी को चौड़े मुंह वाले बर्तन में रखें और उसमें जौं बोएं।

*अब उसके ऊपर कलश में जल भरें और उसके ऊपरी भाग में मौली बांधें।

*नारियल में कलावा लपेटे।

*आम या अशोक के पत्तों को कलश के ऊपर रखें।

*उसके बाद नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर कलश के ऊपर और पत्तों के मध्य रखें।

*घटस्थापना पूरी होने के पश्चात् मां दुर्गा का आह्वान करते हैं।

*दीप जलाएं लब्मी बत्ती वाला कंडे पर पान के पत्ते पर सभी सामग्री और मिठाई का भोग लगाएं।

*तत्पश्चात श्री दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

* मां दुर्गा को प्रिय उनके नामों की 5, 11 या 21 माला का जाप निरंतर नौ दिन तक करें।

*व्रत का संकल्प लें।

नवरात्र में यदि आप घटस्थापना, व्रत आदि ना कर सकें या किसी कारण से नहीं कर पा रहें हो तो ऐसे में आप माँ दुर्गा के ३२ नामों को जाप सुबह सवेरे, साफ सफाई का ध्यान रखते हुए करते है तो ये आपके जीवन में अनेक सुखों को प्रदान करती है।

ज्योतिषी अनु गर्ग
गाज़ियाबाद, उत्तरप्रदेश

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