August 3, 2021

वृतांत – Vritaant

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किसान आंदोलन : सरकार से वार्ता के लिए आमंत्रण का इंतजार, किसान नेता राकेश टिकैत ने दिया बयान

केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में कई महीनो से आंदोलन कर रहे किसानो की मांगो को अब तक पूरा नहीं किया गया है। पिछले साल के नवंबर से दिल्ली की सड़को पर उतरे हुए किसानो ने केंद्र के नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए है। एक समय पर किसान आंदोलन देश में बहुत ही गंभीर स्थिति में था और मीडिया में भी किसान आंदोलन बहुत बड़ा मुद्दा रहा था। सरकार के प्रतिनिधियों ने किसान नेताओ के साथ कई बार वार्ता भी की लेकिन कोई बात नहीं बन पायी और किसानो का यह आंदोलन अभी तक जारी है। लेकिन अब सिर्फ यह आंदोलन किसानो तक ही सिमट कर रह गया है क्योकि न तो सरकार इस मामले पर ध्यान दे रही है न ही मीडिया किसानो की स्थिति को देश के सामने देखा रही है। ऐसे में किसान अभी भी अपनी मांगो को लेकर अड़े हुए है और उन्हें सरकार द्वारा वार्ता के लिए आमंत्रण एक इंतजार है। किसान नेता राकेश टिकैत ने भी एक बयान में कहा है कि वे वार्ता के लिए सरकार के आमंत्रण का इंतजार कर रहे है।

किसानो और सरकार के बीच आंदोलन को खत्म करने के लिए वार्ता कुछ महीनो से बंद है। ऐसे में यह राहत की खबर है कि सरकार और किसानो के बीच चल रहे गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार और किसान नेताओ के बीच फिर से वार्ता शुरू हो सकती है। किसान नेताओ ने सरकार से वार्ता के लिए सहमति भी जाहिर की है और अब उन्हें सरकार द्वारा वार्ता के लिए बुलाये जाने का इंतजार है। लेकिन किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि किसान वार्ता के लिए तैयार तो है लेकिन वार्ता वही से शुरू होगी जहा से खत्म हुई थी।

किसानो की मांग है कि केंद्र सरकार के नए करहि कानूनों को निरस्त किया जाये और एमएसपी के लिए नया कानून बनाया जाये। इसके अलावा किसानो की किसी भी शर्तो में बदलाव नहीं किया जायेगा। किसानो की इन बातो से लग रहा है कि वे अपनी मांगो को लेकर अभूत ही ज्यादा अड़े हुए है और सरकार ने भी इन कानूनों को रद्द करने से इनकार कर दिया है। ऐसे में दोनों के बीच फिर वार्ता में शायद ही कोई निष्कर्ष निकल सकेगा। किसान नेता राकेश टिकैत ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बयान पर भी नाराजगी जताई जिसमे उन्होंने कहा था कि किसान आंदोलन खत्म करेंगे तभी अगली वार्ता होगी। इस बयान पर राकेश टिकैत ने कहा कि वे हमारे सलाहकार नहीं है और हमे उनकी सलाह की जरुरत नहीं है। ऐसे में अभी तक सरकार की तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया दी गयी है। लेकिन आने वाले दिनों में हमे सरकार और किसानो के बीच वार्ता फिर से शुरू होते हुए दिख सकती है।

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