June 17, 2021

वृतांत – Vritaant

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जानिए कोरोना की दूसरी लहर क्यों है ज्यादा खतरनाक, भारत इस संकट से कब मुक्त होगा?

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भारत में कोरोना की दूसरी लहर ने कहर मचाया हुआ है और पूरा देश इस दुरसरि लहर की चपेट में आ चूका है। दूसरी लहर में फैला कोरोना वायरस पहले फैले गए कोरोना वायरस से ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है क्योकि इस बार देश में कोरोना वायरस के कारण देश में मौतों की संख्या कई गुना बढ़ गयी है। इसके अलावा पहले लहर में फैला कोरोना वायरस किसी भी इंसान को संक्रमित करने के बाद सात दिन के बाद फेफड़ो पर असर कर रहा था लेकिन इस दूसरी लहर में फैला कोरोना वायरस केवल दो दिन में ही इंसान के फेफड़ो को खत्म कर दे रहा है जिससे कोरोना संक्रमित मरीज हवा में साँस नहीं ले पा रहा है जिसके कारण मरीजों की मौत हो रही है। मरीजों को साँस में हो रही परेशानी को रोकने के लिए अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडरो का उपयोग किया जा रहा है और मरीजों को ऑक्सीजन देकर उनकी जान बचाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन देश में कोरोना के मरीज की संख्या एंटी ज्यादा फेल गयी है है कि देश के अस्पतालों में ऑक्सीजन की मात्रा भी कम पड़ें लगी जिसके कारण देश में मौतों की संख्या में एक दम से बढ़ोतरी हुई। लेकिन सरकार ने देश में अस्पातलो  में ऑक्सीजन की आपूर्ति को पूरा करने के लिए ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़ा दिया है और देश अस्पतालों में लगातार भेजा रहा है।

कोरोना की दूसरी लहर लोगो को तेजी से अपनी चपेट में ले रही है। इस कोरोना के नए स्ट्रेन से मरीजों को लक्षण पता लगने के दो दिन के भीतर ही यह उनके फेफड़ो पर तेजी से आक्रमण कर रहा है और मरीजों के फेफड़ो को 80 प्रतिशत तक खत्म कर दे रहा है जिसके कारण मरीजों की हालत बहुत ही गंभूत होती जा रही है और वे जिन्दा नहीं  बच पा रहे है। देश में ऐसी गंभीर स्थिति को देखते हुए कई राज्यों ने पूरी तरह से लॉक डाउन लगा दिया है और लोगो को घरो में ही रहने के आदेश दिए है। लेकिन इसके बावजूद रोज़ कोरोना के नए मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होती जा रही है और मौतों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। भारत में ऐसी गंभीर कोरोना समस्या को देखते हुए कई देशो ने भारत की मदद की है और कई देशो ने भारत में ऑक्सीजन और अन्य चिकित्सा उपकरण भेजे है। इसके अलावा भारत के उद्योगपतियों ने भी देश को कोरोना की समस्या से बाहर निकालने के लिए अपना योगदान दिया है। इसके अलावा भारत में अब वैक्सीन की रफ़्तार भी धीमी पड़ चुकी है जिसके कारण देश में कोरोना को फैलने में आसानी हुई है। देश में कई सरकार के पास वैक्सीन कम पड़ गयी है और अब भारत को दूसरे देशो से वैक्सीन को आयात करना पड़ रहा है। हालाँकि कई राज्यों ने 1 मई से वैक्सीन के तीसरे चरण को शुरू कर दिया है।

भारत में इस कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए हमे न्यूजीलैंड जैसे दूसरे देशो की तरह मॉडल को अपनाना होगा उसके बाद ही भारत तेजी से कोरोना मुक्त हो सकेगा। न्यूजीलैंड ने अपनी बॉर्डर पर क्वारंटाइन सेंटर बना दिए और बाहर से आने वाले यात्रियों को 28 दिनों तक क्वारंटाइन में रखा गया। इसके अलावा न्यूजीलैंड ने जरुरत पड़ने पर अपनी सीमाओं को भी सील कर दिया जिससे कोई भी दूसरे देश के लोगो को न्यूजीलैंड में आने पर पाबन्दी लगा दी और इसके अलावा जो न्यूजीलैंड के निवासी देश से बाहर गए हुए उनको भी कुछ दिनों के लिए न्यूजीलैंड में आने पर रोक लगा दी। न्यूजीलैंड ने रेपिड टेस्टिंग करवाई और कांटेक्ट ट्रेसिंग भी करवाई जिसकी मदद से सरकार को कोरोना फैलाने वालो का आसानी से पता चल सका। न्यूजीलैंड में वेक्सिनेशन भी तेजी से हुआ जिसके कारण देश में कोरोना को रोकने में मदद मिली। न्यूजीलैंड सरकार ने पुलिस प्रशसन को अतिरिक्त शक्तिया दे दी जिसके बाद घरो से बेवजह बाहर निकलने वाले लोगो पर लगाम लगयी जा सकी। इसके तहत कोरोना प्रोटोकॉल तोड़ने वाले हजारो लोगो पर भारी जुर्माना भी लगाया गया और कई लोगो वार्निंग भी दी गयी जिसके बाद लोगो ने लापरवाही कम कर दी। इस तरह के सख्त नियमो को लागु करने के बाद आज न्यूजीलैंड कोरोना मुक्त देश बन गया है। भारत को भी कोरोना मुक्त होने के लिए न्यूजीलैंड से सबक लेना चाहिए और सख्त नियमो  को लागु करना चाहिए जिससे भारत को भी तेजी से कोरोना मुख्त किया जा सके।