August 4, 2021

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जानिए उत्तर प्रदेश के प्रसिद्द झरनो के बारे में, भारत में आपको कहा मिलेगा न्यूयॉर्क के नियाग्रा फाल्स जैसा अनुभव

भारत के दूसरे सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का नाम पर्यटन के मामले में बहुत बड़ा नहीं है लेकिन यह राज्य अपनी नदियों, नदियों के किनारे बने घाटों, और कृषि के लिए ज्यादा प्रसिद्द है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक झरने इस राज्य को बहुत ही खास बनाते है और पर्यटकों के लिए भारत में भी नियाग्रा फाल्स जैसा अनुभव देते है। भारत के उत्तर में होते हुए भी उत्तर प्रदेश पर्यटन की सूचि में अपना नाम आगे नहीं ला पाया क्योकि कश्मीर और उत्तर पूर्वी राज्यों ने उत्तर प्रदेश को पर्यटन के मामले में पीछे छोड़ दिया। लेकिन उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों से सबसे खास बनाने वाले झरने पर्यटकों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। उत्तर प्रदेश में भोले की काशी से 60 किमी दूर स्थित चंद्र प्रभा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी अपने झरनो के लिए जानी जाती है। जानिए इस वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के प्रसिद्द झरनो के बारे में।

यह वाइल्ड लाइफ सेंचुरी बनारस से 40 किमी दूर है और यह 78 वर्ग किमी में फैली हुई है। इस वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में नियाग्रा फाल्स जैसे दो प्रसिद्द जल प्रपात है जिनका नाम राजदरी और देवदरी है। सबसे खास बात इस वाइल्ड लाइफ सेंचुरी की यह है कि बारिश के मौसम में यहाँ पूरी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी जल प्रपात में बदल जाती है और यहाँ पर दोनों प्रसिद्द जल प्रपातो के अलावा भी अन्य दर्शनीय जल प्रपातो का निर्माण हो जाता है। यहाँ पर मौजूद कजरदह, चंद्र प्रभा डैम, कर्मनाशा नदी, मुजफ्फरपुर बियर, मुसाखाड डैम, नोबल डैम, हनुमान मंदिर और फोरवाटाड़ जल प्रपात पयर्टको के लिए बहुत ज्यादा आकर्षक हो जाते है। मानसून के समय में यहाँ ऐसा प्राकर्तिक दृश्य देखकर आंखे झपकने के मन नहीं करता है और इस प्राकृतिक खूबसूरती को देखकर आँखों को सुकून प्राप्त होता है।

इस वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के प्रसिद्द राजदरी जल प्रपात को देखने के लिए सेकड़ो लोग हर हफ्ते आते है। इस जल प्रपात की ऊंचाई 65 फ़ीट है और यहाँ पर लोग हर हफ्ते पिकनिक मानाने के लिए आते है। इस झरने की आकृति सीढिनुमा है और ऐसा लगता है जैसे इस झरने का पानी सीढ़ियों से उतर रहा है और जमीन पर आकर गिर रहा है। लेकिन बारिश के मौसम में यह जल प्रपात अपने पुरे उफान पर होता है और इसके पानी के बहने की गति भी बहुत ज्यादा होती है। हालाँकि अब इस जल प्रपात के पानी पिछले कुछ सालो की तुलना में कम हो गया है और बारिश के मौसम में भी इसके पानी में पहले जैसा उफान देखने को नहीं मिलता है लेकिन फिर भी यह झरना लोगो के लिए आकर्षण का केंद्र है।

राजदरी जल प्रपात के अलावा एक और प्रसिद्द झरना जिसका नाम देवदरी जल प्रपात है, राजदरी से केवल 3 किमी दूर ही स्थित है। इस झरने की बनावट राजदरी झरने से बहुत ही अलग है क्योकि इस झरने से गिरने वाला पानी राजदरी की तरह सीढ़ीनुमा संरचना में नहीं गिरता है बल्कि यह झरना विदेशो स्थिति झरनो की तरह बिलकुल सीधा जमीन पर गिरता है। जब यह झरना मानसून में अपने पुरे उफान पर होता है तो यह दुनिया के सबसे प्रसिद्द जल प्रपात नियाग्रा फाल्स जैसा लगता है। इस जल प्रपात का पानी नियाग्रा जल प्रपात की तरह पूरी तेजी से जमीन पर गिरता है और यह नियाग्रा फाल्स के पानी की तरह दूधिया हो जाता है। इस जल प्रपात को देखने के लिए भी यहाँ पर हर साल हजारो की संख्या में दर्शक आते है। ये दोनों जल प्रपात उत्तर प्रदेश को देश में सबसे खास बनाते है और राज्य में पर्यटकों भी आकर्षित करते है।

इसके अलावा इस उत्तर प्रदेश में अन्य जल भी इस वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में है जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। जिनमे कजरदह कुंड जलप्रपात भी शामिल है। लेकिन इस जल प्रपात के बारे में बहुत ही कम लोगो को जानकारी है क्योकि यहाँ पर पहुंचना लोगो के लिए कठिन है। इस जल प्रपात ताज पहुंचने के लिए कटीली झाड़ियों को पार करके जाना पड़ता है लेकिन यह जल प्रपात भी किसी से कम नहीं है क्योकि यह जल प्रपात भी बारिश के मौसम में अपने पूरा बहाव पर होता है जिससे यह भी लोगो के लिए आकर्षण बन जाता है। इस जल प्रपात की ऊंचाई 45 फ़ीट है और यह गुरवाता नदी में गिरता है। झरनो के अलावा चंद्र प्रभा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी की और भी विशेषताएं है। इस सेंचुरी में ब्लैकबक्स, चीतल, साम्भर, नीलगाय, जंगली सूअर और चिंकारा आदि जानवर भी पाए जाते है। यह वाइल्ड लाइफ सेंचुरी पक्षियों के लिए जानी जाती है क्योकि यहाँ पर पक्षियों की करीब 150 प्रजातियां देखने को मिलती है। उत्तर प्रदेश को हमेशा लोगो द्वारा पर्यटन की दृष्टि से कमजोर राज्य के रूप में देखा गया है लेकिन जब लोगो को यहाँ के प्राकृतिक आकर्षणों के बारे में जानकारी मिलती है तो उनके विचार बदल जाते है और लोग यहाँ भी प्राकृतिक दृश्यों को देखने के लिए आते है।

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