June 25, 2021

वृतांत – Vritaant

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जानिए क्या है मेडिकल ऑक्सीजन और ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर किस तरह से कार्य करते है ?

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देश के अस्पतालों में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने से ऑक्सीजन की जरूरत बहुत ही ज्यादा बढ़ गयी है। ऐसे में देश के अस्पतालों में ऑक्सीजन खत्म होने के कारण बहुत ज्यादा संख्या में कोरोना मरीजों ने दम तोड़ दिया। अब सरकार देश में तेजी से ऑक्सीजन की उत्पादन को बढ़ा रही है और अस्पतालों में आपूर्ति को पूरा कर रही है। इसके अलावा कई देशो ने ने भी भारत में ऑक्सीजन की सप्लाई की है और भारत की मदद की है। इसके अलावा कई देश भारत में ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर भी भेज कर भारत की मदद कर रहे है। अस्पतालों में काम ली जाने वाली ऑक्सीजन को मेडिकल ऑक्सीजन बोला जाता जो द्रव अवस्था में सिलेंडर में भरी हुई होती है। जानिए क्या होती है मेडिकल ऑक्सीजन और कॉन्सेंट्रेटर किस तरह से कार्य करते है।

हमारे वातावरण की हवा में मात्र 21 प्रतिशत ही ऑक्सीजन होती है और सबसे अधिक मात्रा में नाइट्रोजन गैस होती है जो 78 प्रतिशत होती है। इसके अलावा 3 प्रतिशत अन्य गैसे होती है। जब हम हवा से साँस लेते है तो हम हवा में मौजूद 4 प्रतिशत ऑक्सीजन का ही उपयोग कर पाते है और शेष हम साँस के साथ बाहर निकाल देते है। हवा में से ऑक्सीजन लेकर हमारे शरीर तक पहुंचाने का काम हमारे फेफड़े करते है। लेकिन जब फेफड़े खराब हो जाते है या काम करना बंद कर देते है तो हम हवा में मौजूद ऑक्सीजन को लेने में असमर्थ होते है जिसके कारण मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण उनकी मृत्यु हो जाती है। इसलिए अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन मरीजों को दी जाती है जो सिलेंडरो में भरी हुई होती है। यह शुद्ध 95 से 98 प्रतिशत तक शुद्ध ऑक्सीजन होती है जो द्रव अवस्था में सिलेंडरो में भरी हुई होती है। इसी ऑक्सीजन का उपयोग अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिया किया जाता है।

इसके अलावा ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर एक छोटा डिवाइस होता है जो हवा में मौजूद ऑक्सीजन को अपने अंदर ले लेता है और उसमे से धूल, कणो और अन्य गेसो को अलग करके बाहर निकाल देता है। यह डिवाइस अलग अलग साइज में आता है और यह पोर्टेबल भी होता है। इसमें 90 से 94 प्रतिशत शुद्ध ऑक्सीजन रहती है। ये हमे 24 घंटो तक ऑक्सीजन दे सकते है क्योकि इन्हे बैटरी या बिजली से चलाया जा सकता है। यानि जब तक कॉन्सेंट्रेटर में पावर रहेगी वह ऑक्सीजन की सप्लाई देता रहेगा। इसमें ऑक्सीजन सिलेंडर की तरह ऑक्सीजन कभी खत्म है होता है यह लगातार ऑक्सीजन बनाता रहता है। इसमें एक ऑक्सीमीटर भी लगा होता है जिससे इसमें ऑक्सीजन के फ्लो को भी नियंत्रित किया जा सकता है।

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