June 25, 2021

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Mesh Rashi / मेष राशि : क्या होता है मेष का अर्थ और किन राशियों के जातकों से रहना चाहिए सावधान

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भारतीय वैदिक ज्योतिष 12 राशि 27 नक्षत्र 7 मुख्य ग्रह और 2 छाया ग्रह के संयुक्त योगदान से अस्तित्व प्राप्त करता है। इन्ही कारको के माध्यम से समस्त ज्योतिषीय गणना की जाती है। राशि नक्षत्र ग्रहो के नाम

राशि
मेष , वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह,कन्या तुला वृश्चिक , धनु , मकर, कुम्भ ,मीन

नक्षत्र-
अश्विनी, भरणी, कृतिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्दा, पुनर्वसु, पुष्य, अश्लेषा,
मघा, पूर्वाफाल्गुनी, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा,
मूल, पूर्वाषाढा, उत्तराषाढा, अभिजित, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद,रेवती

नव ग्रह
सूर्य ,चंद्र,मंगल ,बुध ,गुरु ,शुक्र ,शनि ,राहु ,केतु

नक्षत्रो को समेत कर विभिन्न राशियों में निहित किया गया है तो ग्रहो को राशियों का स्वामित्व प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त इन सभी कारको के अपने अलग स्वभाव, कारक तत्व और क्षेत्र है।

भिन्न भिन्न स्वभाव ,प्रकृति के कारण इन ग्रहो में, नक्षत्रो में मित्रता, शत्रुता ,समता के भाव उत्पन्न होते हैं। इसी प्रकार राशियों की भी मित्रता शत्रुता भी निश्चित होती है। यहाँ मैं मेष राशि के विषय में और उसकी शत्रु राशि के विषय में बात करने जा रही हूँ। मेष राशि की शत्रु राशि कौन सी है और मेष राशि के जातको को किस प्रकार इन राशियों से सावधान रहना चाहिए।

मेष राशि की शत्रु राशियाँ और समाधान

मेष राशि मेष राशि का शाब्दिक अर्थ है मेढ़ा या भेड़ इसकी आकृति में आप एक भेड़ को देख सकते हैं। मेष राशि अग्नि तत्व की राशि है । ज्योतिष शास्त्र में इस को धर्म त्रिकोण का प्रथम स्थान प्राप्त है । काल पुरुष की कुंडली में इसको प्रथम भाव का स्वामित्व दिया गया है । जिससे जातक का मस्तिष्क ,व्यक्तित्व ,देह बौद्धिक स्तर,सिर आदि की स्थिति का अवलोकन किया जाता है।

स्वभाव

मेष राशि के जातक मेहनती ,साहसी बुद्धिमान तथा सीधे स्वभाव के होते हैं । ये जल्दबाजी में कार्य करने वाले और कभी कभी बिना सोचे समझे दुसरो का अनुसरण करने वाले भी होते हैं चाहे उसके परिणाम स्वरूप इनका नुकसान ही क्यों न हो जाय । इस तरह का स्वभाव इनको भेड़ के स्वभाव से जोड़ता है । मेष राशि के जातक समय पर निर्णय नहीं ले पाते और निर्णय पर स्थिर भी नहीं रहते असमंजस में रहते है और अस्थिर रहते है ।

किन राशि के जातकों से रहें सावधान

मेष राशि की शत्रु राशि कन्या ,तुला ,मकर और मीन हैं । मेष राशि वालो को इनसे वैर नहीं रखना चाहिए बहस करने से बचना चाहिए । जहाँ तक हो इनसे सावधान रहना चाहिए ।

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कन्या राशि

कन्या राशि के जातक ढो,पा,पी ,पु ,ष,ण,ठ,पे ,पो नामाक्षर के होते हैं । इनकी बुद्धि सभी राशियों से तीव्र होती हैं ये चतुर होते हैं । कन्या राशि मेष राशि की प्रमुख शत्रु राशि है । अधिकांशतः कन्या राशि के शत्रु मेष राशि के जातको के परिवार मित्र रिश्तेदारों में ही सम्मिलित होते हैं । मेष राशि के स्वामी अच्छे मस्तिष्क के स्वामी होते हैं लेकिन छल कपट से अनजान होते है कभी कभी इतने संवेदन शील होते हैं कि अपनी क्षमता का उपयोग नहीं कर पाते और इनके जीवन में बाधाएं संघर्ष उत्पन्न होते हैं , जिसका लाभ इनके बुद्धिमान शत्रु उठाते हैं । कन्या राशि के शत्रु इनको कभी कभी ऐसी सीख दे जाते है जो इनको जीवन भर काम आने वाली सिद्ध होती है ।

तुला राशि

तुला राशि के जातक रा,री,रु,रे,रो,ता,ता,तू,ते नामअक्षर के होते है। तुला राशि के जातक साधारण लेकिन आकर्षक व्यक्तित्व के होते है । मेष राशि के जातको के साझेदार व्यवसायिक क हो या जीवन के तुला राशि के ज्यादा होते है । जिनसे मेष राशि वालो को धोखा मिलने कि सम्भावना बानी रहती है । वैसे तो तुला राशि के जातक सामान्य व्यक्तित्व के होते हैं लेकिन इनमे धन के प्रति आकर्षक अधिक होता है और ये ऐसा कोई भी मौका नहीं छोड़ते जिससे धन प्राप्ति हो सके। जब इनके सामने मेष जातक आ जाते हैं तो इनके मौके और बढ़ जाते हैं और मेष जातको को शाखा और हानि का सामना करना पड़ता है। अतः मेष जातको को साझेदारी में तुला राशि से बचाव रखना चाहिए ऐसा कहना तो अनुचित होगा लेकिन हाँ सावधानी अवश्य बरतनी चाहिए।

मकर राशि

मकर राशि के जातक भो,जा,जी,खी,खु,खे,खो,गा,गी नामाक्षर के होते हैं । मकर राशि के जातक मेष जातको को कार्य स्थल पर प्रभावित करते हैं ये कर्मठ अधिक मेहनती होते है लगन से स्थिर रूप से कार्य करने वाले होते हैं इसी कारन ये मेष जातको से आगे निकल जाते है और उन्नति के अवसर सर मेष जातको को वंचित कर देते हैं।

मीन राशि

मीन राशि के जातक दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची मीन राशि के जातको से मेष रही के जातको को मानसिक और शारीरिक हानि कीसम्भावना रहती है । जिस भी क्षेत्र में इन दोनों जातको का सामना होता है मेष राशि की जातको कि चिंताएं बढ़ जाती हैं उन्हें अपमान का सामना करना पद सकता है मेष जातको को इनसे किसी भी तरह की वाद विवाद बहस से बचना चाहिए और अपना मानसिक स्तर भी नियंत्रण में रखना चाहिए अन्यथा मीन जातक इनको परेशानी दे सकते हैं।

अंततः यही कहना उचित होआ कि मेष राशि की जातको को अपनी कार्य शैली ,मानसिक स्थिति में स्थिरता लानी होगी यदि ऐसा करने में ये समर्थ होते हैं तो इनका जीवन सरल होगा और उन्नति की अवसर प्राप्त कर पाएंगे।

यहाँ वर्णित राशि विवेचन उनके स्वाभाविक निसर्ग प्रकृति पर आधारित है।

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