August 4, 2021

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DRDO द्वारा बनाई 2-DG कितनी कारगर और क्या है ब्लैक फंगस, जानिए – Black Fungus & New Covid 2-DG Medicine

New Covid medicine 2 DG launching

कोरोना त्रासदी में ऑक्सीजन की किल्लत और उससे अब तक कितनी जानें हम गँवा चुके हैं इस बारे में आप और हम सभी जानते हैं। लेकिन यहाँ एक राहत भरी खबर है कि DRDO ने एक नई दवा लांच की है जो कोरोना पर बेहद कारगर सिद्ध हो रही है। DRDO यानि की Defence Research and Development Organisation द्वारा बनाई कोरोना की दवा 2-DG को कोरोना संक्रमितों के लिए संजीवनी कहा जा रहा है।

सरकार ने इस दवा को हरी झंडी दे दी है जो कोरोना संक्रमितों में ऑक्सीजन की डिमांड को कम करने का काम करेगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने इसे लांच कर दिया है। एक अच्छी बात इसकी यह भी है कि यह बेहद ही आसानी से बनाया जाने वाला फार्मूला है इसलिए बड़े पैमाने पर इसका उत्पादन भी शुरू हो चुका है।

इसका सीधा अर्थ यह है कि अब तक जो मौतें ऑक्सीजन की कमी के कारण हो रही थी उन्हें अब कम किया जा सकेगा और अधिक से अधिक जानें बचाई जा सकेंगी। 2-dg medicine made by DRDO

How 2DG works

अब जानिए यह दवा कैसे काम करती है

इस दवा का पूरा नाम है 2-डीऑक्‍स‍ी-डी-ग्लूकोज। यह एक तरह का ग्लूकोज पाउडर है जिसे आसानी से घोलकर पिया जा सकता है। यह ग्लूकोज़ का एक तरह का substitute ही है। दरअसल वायरस को शरीर में जीवित रहने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है जो उसे ग्लूकोज से मिलती है। वायरस धोखे में आकर इस दवा का इस्तेमाल करने लगता है। जिससे वायरस को एनर्जी मिलना बंद हो जाती है और वह मरने लगता है। इसके साथ ही नए वायरस का बनना भी बंद हो जाता है। क्लिनिकल ट्रायल में यह दवा का बेहद असरकार साबित हुई है। कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा अब कम किया जा सकेगा।

Covishield की दूसरी डोज में अब लगेंगे 12 से 16 हफ्ते

स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि कोरोना की covishield वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज के बीच टाइम गैप, जो पहले 4 से 8 हफ्ते का था उसे बढाकर अब 12 से 16 हफ्ते किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने अपने ट्विटर हैंडल से यह जानकारी दी। हालाँकि उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल नए रजिस्ट्रेशन के लिए है जिन्हे पहले से दूसरी डोज का अपॉइंटमेंट मिला हुआ है उनमे कोई changes नहीं किये हैं। ये बदलाव केवल covishield को लेकर हुए हैं covaxin के बारे में अभी ऐसा कोई अपडेट नहीं आया है।

क्या है कोरोना से जुड़ा नया संकट ब्लैक फंगस – All information about black fungus

AIIMS नई दिल्ली के एमडी डॉ गणेश पिल्लै द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार,

म्युकर माइकोसिस नाम का यह फंगस वही साधारण फंगस है जो हम आमतौर पर उन चीजों पर देखते हैं जो ख़राब होने लगती है। हमारे शरीर में यह तब तक नहीं पाया जाता जब तक हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम स्ट्रांग होता है। जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है या जो पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं उन्हें अगर sevior कोरोना हो जाता है तो उनमे इस फंगस का खतरा ज्यादा है। डॉ. हर्षवर्धन ने इसे लेकर ट्वीट करते हुए चेताया है।

Dr. Harshwardhan tweet

शरीर में कैसे प्रवेश करता है – Black Fungus

अंदर रखी हुई चादरें, या गन्दा ऑक्सीजन पाइप आदि में इस फंगस के कण हो सकते हैं। इसलिए ICU में भर्ती या वेंटिलेटर पर ट्रीटमेंट के दौरान यह शरीर में प्रवेश कर सकता है। या जो कोरोना से उबर चुके हैं वो हवा में फैले रोगाणुओं के संपर्क में आने से भी इस फंगस की चपेट में आ सकते हैं। इसके अलावा स्किन पर चोट, रगड़ या फिर जले हुए भाग से भी यह शरीर में दाखिल हो सकता है।

शरीर में कहाँ फैलता है और ब्लैक फंगस के लक्षण – Symptoms of Black Fungus

यह sinus के आसपास फैलने लगता है क्योंकि यह वो जगह है जहाँ humidity अच्छी होती है। इसलिए यह कान या आँखों पर असर करता है। इसके लक्षणों की बात करें तो

  • नाक का जाम होना,
  • नाक से काला या लाल लिक्विड निकलना,
  • गाल की हड्डी में दर्द होना,
  • चेहरे पर एक तरफ दर्द होना या सूजन,
  • दांत या जबड़े में दर्द, दांत टूटना,
  • धुंधला या दोहरा दिखाई देना,
  • सीने में दर्द और सांस में परेशानी।

अगर आपको ऐसी कोई परेशानी देखने को मिलती है तो लापरवाही बिलकुल ना बरतें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

क्या सावधानियाँ अपनाकर इससे बचा जा सकता है – Precautions to stay safe from Black Fungus

  • सबसे महत्वपूर्ण हैं अपनी इम्युनिटी यानि रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनायें।
  • योग एवं प्राणायाम करें।
  • मास्क का उपयोग करें और ध्यान रखें की मास्क स्वच्छ होना चाहिए।
  • कोरोना से उबरे व्यक्ति स्वच्छता का ख़ास ख्याल रखें।
  • #TogetherWeCan #BreakTheChain
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