September 26, 2021

वृतांत – Vritaant

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जानिए कोरोना महामारी के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा

भारत में कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण देश में कई राज्यों में पूरी तरह से लॉक डाउन लागु है जिसके कारण सभी क्षेत्रो को काम बंद पड़े है। इससे हम कह सकते है कि कोरोना महामारी के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। हाल ही में आरबीआई ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसे ‘स्टेट ऑफ़ इकॉनमी’ कहा जाता है। लेकिन आरबीआई के अनुसार इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कोरोना की दूसरी लहर का प्रभाव भारतीय अर्थव्यवस्था पर पहले जितना गंभीर नहीं होगा। इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने भी कहा है कि अभी पूरी तरह से यह निश्चित नहीं किया जा सकता है कि कोरोना महामारी का प्रभाव भारतीय अर्थव्यवस्था पर कैसा होगा लेकिन अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस बार कोरोना महामारी का प्रभाव उतना नहीं होगा जितना पिछले साल हुआ था।

आरबीआई की स्टेट ऑफ़ इकॉनमी रिपोर्ट के अनुसार कोरोना का वापस आना बहुत ही खतरनाक था लेकिन इसके कारण इस बार पहली तिमाही में इसमें आर्थिक मामलों पर बुरा असर नहीं डाला है। इससे यह कहा जा सकता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर महामारी का असर पहले की तुलना में कम होगा। हालांकि देश के कई हिस्सों में पूरी तरह से लॉक डाउन लगाया हुआ है लेकिन कुछ जगहों पर लॉक डाउन की प्रकृति अलग होने, लोगो का घर से काम करने के तरीके को अपनाना, ऑनलाइन डिलीवरी का चालू रहना, ई-कॉमर्स और डिजिटल भुगतान आदि बंद नहीं हुए है। हालाँकि कोरोना की दूसरी लहर पहले की तुलना में काफी तेजी से फैली है। इस बार यह महानगरों में फैलने के अलावा देश के दूर दराज गावो को भी इसमें अपनी चपेट में ले लिया है। हाल ही के कुछ दिन पहले आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए व्यापक और त्वरित कार्यवाही की जरुरत है जिसके बाद अर्थव्यवस्था के लिए वित्तीय सुरक्षा रणनीति के रूप में कुछ उपाए भी सुझाये गए थे।

आरबीआई की रिपोर्ट के मुख्य बिंदु :

इस रिपोर्ट के अनुसार कोरोना महामारी की दूसरी लहर का प्रभाव U आकर का लग रहा है जिसमे एक छोर पर कृषि है और एक छोर पर आईटी क्षेत्र आता है। इन दोनों ही क्षेत्रो में महामारी के दौरान भी कार्य जारी रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना के संक्रमण को कम करने के लिए लॉक डाउन से मदद मिली है इस बार देश में लगाया गया लॉक डाउन पिछली बार लगाए गए देशव्यापी लॉक डाउन से लग था क्योकि इस बार स्थानीय लॉक डाउन को प्राथमिकता दी गयी जिसके कारण अर्थव्यवस्था को बढ़ने वाले क्षेत्र पूरी तरह से बंद नहीं हुए और कई क्षेत्रो में कार्य जारी रहा है। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कोरोना की दूसरी लहार को देखते हुए पूरी तरह से टीकाकरण कराना जरुरी है। वैश्विक स्तर पर भी देखा जाये तो कई देशो में अर्थव्यवस्था पर मजबूती आ रही है।

देखा जाये तो केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरा विश्व कमजोर अर्थव्यवस्था से गुजर रहा है लेकिन अब भारत अपने स्तर पर भी कोरोना वैक्सीन का उत्पादन कर रहा है और पूरी जनसँख्या को वैक्सीन लगाने के का काम शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा भारत ने बच्चो के लिए कोरोना वैक्सीन के ट्रायल को भी मंजूरी दे दी है। इससे यह उम्मीद की जा सकती है कि जल्द ही भारत इस महामारी से उभर जायेगा और बेहतर अर्थव्यवस्था की स्थिति को प्राप्त कर लेगा। इस बार देश में लॉक डाउन की वजह से आर्थिक गतिविधिया पूरी तरह से बंद नहीं हुई है जिसके कारण भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोरोना की दूसरी लहार का प्रभाव पहले की तुलना में कम हो सकता है। आरबीआई लगातार कोरोना की स्थिति पर नजर रख रहा है। इसके अलावा कोरोना महामारी से निपटने और भारतीय अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के हर सम्भव प्रयास कर रहा है। आरबीआई ने हाल ही में कुछ आंकड़े भी जारी किये है जिसमे भारत में कोरोना की पहली लहर के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में अच्छी रिकवरी देखी गयी है। इसके अलावा भारतीय अर्थव्यवस्था में अन्य देशो के मुकाबले तेजी से रिकवरी हुई जो इस बात का संकेत देती है कि कोरोना की दूसरी लहर भारतीय अर्थव्यवस्था को ज्यादा प्रभावित नहीं कर पायेगी।

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