August 4, 2021

वृतांत – Vritaant

खबर, संवाद और साहित्य

भारत में शुरू हुआ 5G सेवाओं का परीक्षण, जल्द ही देश में अब 5G को रोल आउट किया जा सकेगा

पिछले एक साल से हम 5G के बारे में सुनते आ रहे है और भारत में लोग 5G के आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे है। भारत में पहला 5G फ़ोन लॉन्च हुए एक साल से भी ज्यादा का समय हो चूका है, लेकिन अभी तक भारत में 5G लॉन्च नहीं हो पाया है। लेकिन अब भारत में जल्द ही 5G सेवा का रोल आउट किया जा सकेगा क्योकि भारत में डिपार्टमेंट और टेलेकम्युनिकशन्स (डीओटी) ने टेलीकॉम कंपनियों को भारत में 5G का परीक्षण करने के लिए स्पेक्ट्रम आवंटित कर दिए है और भारत में टेलीकॉम कम्पनियो ने भारत में 5G का परीक्षण करना शुरू कर दिया है। इस परीक्षण के लिए डीओटी ने अलग अलग कम्पनियो को अलग अलग बैंड्स पर भारत में 5G का परिक्षण करने की अनुमति दे दी है। सूत्रों के अनुसार डीओटी ने मुख्य रूप से तीन स्पेक्ट्रम पर टेलीकॉम कंपनियों को 5G का परीक्षण करने की अनुमति दी है। इसमें सबसे पहले बात करे तो 700 मेगा हर्ट्ज़ का स्पेक्ट्रम, दूसरा 3.3 गीगा हर्ट्ज़ से 3.6 गीगा हर्ट्ज़ स्पेक्ट्रम जिसको सब्सिक्स गीगा हर्ट्ज़ बैंड भी कहा जाता है और तीसरा आता है 22.5 गीगा हर्ट्ज़ से 28.5 गीगा हर्ट्ज़ का स्पेक्ट्रम जिसको हम मिलीमीटर वेव भी कहते है।

इससे पहले इस बात का खुलासा नहीं किया गया था कि भारत में मिलीमीटर वेव पर भी 5G का परिक्षण किया जायेगा लेकिन यह बहुत ही अच्छी खबर है कि भारत में मिलीमीटर वेव पर भी 5G का परिक्षण किया जा रहा है। भारत में 5G सेवा का परीक्षण करने के लिए अलग अलग क्षेत्रो को चुना गया है जिनमे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, गुजरात, हैदराबाद आदि अलग अलग क्षेत्र शामिल है। भारत में रिलायंस जिओ, एयरटेल, वोडाफोन आईडिया और एमटीएनएल 5G सेवाओं का परीक्षण करने वाले है। इसके अलावा डीओटी ने इन सभी टेलीकॉम कम्पनियो को निर्देश दिए है कि भारत में 5G सेवाओं का परीक्षण शहरो के अलावा ग्रामीण क्षेत्रो में और अर्ध शहरी क्षेत्रो में भी किये जाये। इसके बाद भारत में 5G सेवाओं के पूरी तरह से सफल परीक्षण के बाद भारत में हम 5G सेवाओं को रोल आउट होता हुआ देख पाएंगे। हालाँकि डीओटी ने इन सभी टेलीकॉम कम्पनियो को 5G सेवाओं के परीक्षण हेतु छह महीने के स्पेक्ट्रम दिया गया है जिसमे दो महीने का समय उपकरणों को इनस्टॉल करने के लिए है और बाकि का समय 5G का का परीक्षण किया जायेगा।

अगर बात की  जाये 5G के लिए काम आने वाले उपकरणों की तो भारत में कोई भी टेलीकॉम ऑपरेटर चीनी 5G उपकरण निर्माता कम्पनियो जैसे हुवावे और ज़ेडटीई से कोई भी 5G उपकरण नहीं लिए गए है क्योकि डीओटी ने भारत में टेलीकॉम कम्पनियो को सख्त निर्देश दिए थे कि वे किसी भी चीनी कंपनी के साथ 5G उपकरणों के लिए डील न करे यानि भारत में 5G के लिए काम में आने वाले उपकरण चीनी नहीं है। भारत में टेलीकॉम कम्पनियो ने 5G उपकरणों के लिए नोकिआ, इरेक्शन, सैमसंग आदि कम्पनियो के साथ साझेदारी की है। इन सभी तथ्यों के बाद हम यह कह सकते है कि भारत में 5G का आना इस साल तो मुश्किल होगा क्योकि केवल 5G सेवाओं के परीक्षण में ही छह महीने लग जायेंगे यानि भारत में 5G का पूरी तरह आना अगले साल 2022 में की शुरुवात में आना सम्भव हो सकेगा। अगर बात की जाये पुरे देशभर में 5G सेवाओं के शुरू होने की तो इसमें थोड़ा और ज्यादा समय लग सकता है।

भारत में पहले 5G फ़ोन को आये एक साल से भी ज्यादा का समय हो गया है और हर दिन कोई ना कोई कम्पनी नए 5G फ़ोन भारतीय बाजार में लॉन्च करती जा रही है। ऐसे में जब तक भारत में ग सेवा लागु होगी उस समय तक भारत में ज्यादातर लोगो के पास 5G फ़ोन होगा और बाजार में भी और ज्यादा आसानी से उपलब्ध होगा। यानि 5G सेवाओं के आने तक भारत में ज्यादा से ज्यादा लोग 5G सेवाओं का फायदा उठा पाएंगे। इसके अलावा हाल ही में जिओ ने भी घोषणा की है कि वह गूगल के साथ मिलकर भारतीय बाजार में और भी सस्ता 5G फ़ोन लाने के लिए काम कर रहा है। यानि हमे भारत में 5G के आने तक और भी कम कीमत में और बजट सेगमेंट में 5G फ़ोन देखने को मिलेंगे। इन 5G के परीक्षणों में केवल मोबाइल फ़ोन्स का नहीं बल्कि टेली एजुकेशन, टेली मेडिसिन और अन्य क्षेत्रो में भी 5G का सपोर्ट लाने के लिए प्रयास किये जायेंगे। हालाँकि लोगो में मन 5G को लेकर एक सवाल यह भी आता है कि 5G की सेवा की कीमत क्या होगी ? जिसके लिए कहा जा रहा है कि 5G सेवाओं के लिए भी कीमत 4G के सामान ही रहेगी। अब देखने वाली बात यह है कि आखिर कब तक हम भारत में 5G को पूरी तरह लागु होता हुआ देख पाते है ?

%d bloggers like this: