June 18, 2021

वृतांत – Vritaant

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गूगल के एंड्राइड को टक्कर देने के लिए चीनी कंपनी हुवावे ने पेश किया नया प्लेटफार्म ‘हारमनी ओएस ‘, जानिए यह एंड्राइड से किस प्रकार अलग है

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हाल ही में चीनी कंपनी हुवावे ने चीन में एक कॉंफ्रेंस के दौरान अपना नया ओएस हारमनी ओएस को पेश कर दिया है। यह नया ओएस जिस तरह से लोगो ने सोचा था उससे बिलकुल ही अलग है और इसको जानने के बाद हम यह अंदाजा लगा सकते है कि आने वाले समय में यह अन्य चीनी कंपनियों के स्मार्टफोन पर भी कब्ज़ा कर सकता है। हुवावे ने न केवल हारमनी ओएस को मोबाइल के लिए पेश किया बल्कि यह सभी तरह के स्मार्ट उपकरणों पर काम करेगा और इसके द्वारा जो इको सिस्टम बनाया जायेगा उसे भी हारमनी ओएस ही कहा जायेगा। हुवावे का यह हारमनी ओएस मोबाइल के अलावा स्मार्ट वॉचेस, स्मार्ट टीवी और अन्य स्मार्ट उपकरणों पर काम कर सकता है। इसके अलावा कारो के लिए भी जिस ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जायेगा वह भी हारमनी ओएस है। हालाँकि हुवावे के अनुसार इस पुरे इको सिस्टम को हारमनी ओएस कहा जा रहा है लेकिन अगर बात की जाये स्मार्टफोन्स की तो हुवावे स्मार्टफोन्स के लिए एंड्राइड के ओपन सोर्सेज का ही उपयोग कर रहा है। जब अमेरिकी सरकार ने हुवावे पर अमेरिकी कंपनियों के साथ व्यापर करने पर प्रतिबंध लगा दिया था तो गूगल अनपे एंड्राइड को हुवावे को पूइर तरह से नहीं दे सकता है लेकिन एंड्राइड एक ओपन सोर्स प्लेटफार्म है जिसको गूगल हुवावे को दे सकती है और इसी में बदलाव करके हुवावे ने स्मार्टफोन्स के लिए अपना नया हारमनी ओएस पेश कर दिया।

हुवावे ने कहा है कि आने वाले हुवावे के स्मार्टफोन इसी ओएस के साथ देखने को मिलेंगे। इसके अलावा जो स्मार्टफोन हाल ही में लॉन्च किये है और जो पुराने स्मार्टफोन है उनमे भी हारमनी ओएस का अपडेट दिया जायेगा। मतलब देखा जाये तो यह ओएस अंदर से एंड्राइड ही है लेकिन बाहर से यह अब हारमनी ओएस है। लेकिन देखा जाये तो हुवावे ने ज्यादा समय नहीं लेते हुए हारमनी को पेश कर दिया है क्योकि कंपनी को पता है कि यदि वह एंड्राइड जैसा कोई अलग नया प्लेटफार्म बनाएगी तो उसे बहुत ही ज्यादा समय लग सकता है। इसके अलावा नए प्लेटफार्म के लिए एप्स भी बहुत ही कम उपलब्ध होगी। हालाँकि  चीन में ज्यादातर स्मार्टफोन एंड्राइड पर काम करते है लेकिन इनमे गूगल की सेवाएं नहीं दी जाती है इसलिए स्मार्टफोन निर्माता कम्पनिया अलग से एप स्टोर फ़ोन में डालकर ग्राहकों देती है। चीनी में एप्स बनाने वाले भी एपीके के रूप में एप्स को बनाते है और लोग भी ज्यादातर एपीके के रूप में ही एप्स को इनस्टॉल करते है। इसलिए चीन में सभी एप्स केवल एंड्राइड पर ही आधारित है और ऐसे में हुवावे ने भी हारमनी ओएस को एंड्राइड एप्स को सपोर्ट करने वाला बनाया है ताकि कंपनी को लोगो तक अपनी सेवाएं पहुंचने में मुश्किलों को सामना न करना पड़े।

हुवावे के अनुसार हारमनी ओएस माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ भी काम कर सकता है। इसके लिए केवल एक सॉफ्टवेयर डालना होगा जिसके बाद विंडोज पर भी हारमनी ओएस को काम में लिया जा सकेगा। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि एप्पल के मैक ओएस के जैसा इको सिस्टम बनाने की कोशिश की गयी है। फ़िलहाल अभी के समय में सभी स्मार्टफोन अलग अलग ओएस पर काम कर रहे है लेकिन हुवावे सभी कंपनियों के स्मार्टफोन्स को एक साथ जोड़ने की कोशिश कर रहा है ताकि सभी में हारमनी ओएस का सपोर्ट दिया जा सके। हुवावे ने अन्य कंपनियों के स्मार्टफोन्स में भी हारमनी ओएस को देने की कोशिश की है और कई चीनी कंपनियों जैसे ओप्पो, वीवो आदि ने इस ओएस के लिए रूचि भी दिखाई है। अगर आने वाले समय में चीन में सभी कंपनियों द्वारा इस हारमनी ओएस को अपना लिया जाता है तो चीनी मार्केट में चीन का खुद का अलग इको सिस्टम बन सकता है और अन्य ओएस के लिए चीनी मार्केट में कॉम्पिटिशन बढ़ सकता है। यानि आने वाले समय में हमे चीनी स्मार्टफोन मार्केट में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है और इसके बाद इसका प्रभाव अन्य देशो के स्मार्टफोन बाजार पर भी पड़ेगा।