July 29, 2021

वृतांत – Vritaant

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भारत-पाकिस्तान के साथ चाहता है सामान्य पडोसी जैसे संबंध, क्या भारत और पाकिस्तान के रिश्ते सुधरेंगे

हाल ही में भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की महासभा में एक वार्षिक रिपोर्ट पर बहस के दौरान कहा कि भारत, पाकिस्तान से सामान्य पडोसी जैसे संबध चाहता है। लेकिन जब पाकिस्तान के राजदूत मुनीर अकरम ने कश्मीर का मुद्दा उठाया तो भारत ने पाकिस्तान के इस रवैये की आलोचना की और कहा कि पाकिस्तान यह रवैया इस प्रतिष्ठित मंच की गरिमा के अनुरूप नहीं है। इसके अलावा लद्दाख और कश्मीर का मुद्दा उठाये जाने पर सूडान ने भी कहा कि कश्मीर और लद्दाख के संबध में भारत की संसद द्वारा लिया गया निर्णय भारत का आंतरिक मामला है और कहा कि आपसी मुद्दों को आतंक, शत्रुता और हिंसा से मुक्त वातावरण में शांति पूर्ण तरीके से सुलझाना चाहिए। यह पाकिस्तान पर निर्भर है ताकि वह इस मुद्दे पर शांतिपूर्ण तरीके से बातचीत के लिए आतंक से मुक्त वातावरण तैयार करे और अपने नियंत्रण में किसी भी क्षेत्र को सीमा पर आतंकवाद के लिए इस्तेमाल होने की अनुमति नहीं दे। पाकिस्तान की सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने कहा कि यह समय अतीत को दफ़नाने और आगे बढ़ने का है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अब सार्थक रूप से बातचीत की जिम्मेदारी अब भारत पर है। इसके अलावा पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान ने कहा कि भारत को कश्मीर के मुद्दे का समाधान निकालकर दोनों देशो के संबंधो में सुधार के लिए पहला कदम उठाना होगा। हाल ही में भारत को और पाकिस्तान दोनों नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम के लिए सहमत हुए थे।

दोनों देशो में अच्छे संबंधो के लिए क्या किया जाये ?

दोनों देशो को अपने संबंधो को सुधारने के लिए आपसी वार्ता पर अधिक जोर देना होगा। दोनों देशो को सीमा पर संघर्ष विराम का सम्मान करना होगा। दोनों देशो को एक दूसरे की क्षेत्रीय सम्प्रभुता और आंतरिक मामलो का सम्मान करना होगा। इसके अलावा दोनों देशो के मुद्दों को सुलझाने के लिए शंघाई सहयोग संघठन एक बेहतर मंच हो सकता है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि पाकिस्तान को अपनी आतंकवाद गतिविधियों पर नजर रखे और जरुरी कार्यवाही करे। इसके अलावा आतंकवाद विरोधी कार्यवाही में दोनों देशो के बीच सुचना का आदान प्रदान होता रहे।  इन सभी महत्वपूर्ण बातो का ध्यान रखने को और पालन करने से ही दोनों देशो के संबंधो में सुधार हो सकता है।

संयुक्त राष्ट्रिय सुरक्षा परिषद् के चार मुख्य उद्देश्य है। पहला है अंतराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाये रखना, दूसरा देशो के बीच मित्रपूर्ण संबंध स्थापित करना, तीसरा अंतराष्ट्रीय समस्याओ को सुलझाने और मानवाधिकारों के सम्मान के लिए सहयोग करना और चौथा है देशो की कार्यवाही के बीच स्थिरता बनाये रखने के लिए एक केंद्र के रूप में कार्य करना। भारत और पाकिस्तान के मुद्दा राष्ट्रिय सुरक्षा परिषद् के लिए भी बहुत ही जटिल मुद्दा है क्योकि दोनों देशो में बीच बीच में सैन्य गतिरोध चलता रहता है। दोनों देशो के बीच आर्थिक संबंध भी बहाल नहीं है और न दोनों देश इस मामले में एकराय है। देखा जाये तो दोनों देश दक्षिण एशिया की आर्थिक मजबूती के लिए जरुरी है। दोनों देशो को फिर से आपसी आर्थिक संबंधो को सुधारने की जरुरत है और इस कोरोना महामारी के समय में यह जरुरी है कि दोनों देशो के संबंध आर्थिक रूप से बहाल हो। भारत ने हमेशा पाकिस्तान के साथ एक सामान्य पडोसी देश के जैसे संबंध बनाने का प्रयास किया है लेकिन पाकिस्तान ने अंतराष्टीय मंचो पर बार बार कश्मीर का मुद्दा उठाया है और भारत से इस मामले में पहल करने को कहा है। भारत ने पाकिस्तान के साथ शांति पूर्ण तरीके से वार्ता पर जोर दिया है लेकिन पाकिस्तान ने अपनी आतंकी गतिविधियों पर काबू नहीं किया है और सीमा पर लगातार आतंकी गतिविधियों को चालू रखा है । ऐसे में भारत अकेले ही संबंधो में सुधार नहीं कर सकता है। इसके लिए पाकिस्तान को भी सभी पहलुओं का सम्मान करना होगा।

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