July 29, 2021

वृतांत – Vritaant

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जयपुर का अक्षरधाम मंदिर है वास्तु कला का भव्य उदाहरण, जानिए इस मंदिर से जुडी विशेषताओं के बारे में

राजस्थान की राजधानी जयपुर के वैशाली नगर में स्थित अक्षरधाम मंदिर प्रसिद्द मंदिरो में से एक है। इस मंदिर में  भगवान नारायण की मूर्ति स्थापित है। यह मंदिर लोगो की आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। इस मंदिर के दर्शन के लिए हर साल हजारो की संख्या में श्रद्धालु आते है। यह मंदिर लोगो को बहुत ही अधिक आकर्षित करता है। इसकी खास बात है इसकी सूंदर वास्तु कला, सुंदर मुर्तिया और उन पर की गयी नक्काशी। इस मंदिर की सभी दीवारों पर बहुत सारी मुर्तिया बनायीं गयी है जिनको बहुत ही शानदार तरीके से उकेरा गया है जिससे इस मंदिर की भव्यता में चार चाँद लग जाते है। अक्षरधाम मंदिर जयपुर के 9 प्रमुख मंदिरो में से एक है। ये मंदिर बोचासनवासी श्री अक्षर पुरषोत्तम स्वामीनारायण संप्रदाय के तहत बनाये गए है। अक्षरधाम मंदिर जयपुर में घूमने के लिए बहुत ही पवित्र और लोकप्रिय स्थान है। यह मंदिर कोई प्राचीन मंदिर नहीं है बल्कि यह आधुनिक मंदिर है जो 19 से 20 वी शताब्दी के बीच बना था। लेकिन इस मंदिर को इस तरह से बनाया गया है कि इसकी वास्तुकला और सुंदरता देखते ही बनती है। अक्षरधाम मंदिर अपनी वास्तुकला और सुंदरता के लिए जयपुर का सबसे लोकप्रिय मंदिर है जहा पर दूर-दूर से लोग दर्शन के लिए आते है। मंदिर के अलावा मंदिर का परिसर भी बहुत बड़ा है जिसमे फुलवारी और पेड़-पौधो से सजावट की गयी है। मंदिर का परिसर हरे बागानों और फुव्वारो से घिरा हुआ है जो मंदिर को और भी आकर्षक बनाते है।

इस मंदिर में तीन प्रमुख मंडपम है जो हरी मंडपन, विभूति मंडपम और प्रसादी मंडपम है। हरी मंडपम में सोने की पत्ती से बनी भगवान स्वामीनारायण की सात फुट ऊँची प्रतिमा है जिसे सोने और चांदी के आभूषणों से सजाया गया है। दूसरे मंडपम में पीतल के कमल है और तीसरे मंडपम में भगवान नारायण के अवशेष है। इस मंदिर में हर तरह की सुविधाओं की व्यवस्था है जिसमे एक कैफ़े भी है और इसके अलावा यहाँ पर बच्चो के खलेने के लिए खेल का मैदान भी है। इस मंदिर की सुंदरता सबसे आकर्षक शाम के समय में लगती है जब सूरज ढल जाता है। तब मंदिर में की गयी रौशनी से मंदिर सोने के महल के समान चमकता है। इस मंदिर में सबसे ज्यादा लोग शाम के समय में ही आते है ताकि मंदिर की सुंदरता और भव्यता का आनंद ले सके। यह मंदिर रोज़ एक तय समय पर ही खुलता और बंद होता है। सुबह से यह मंदिर 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक खुलता है। इसके बाद शाम 4 बजे रात 8:15 तक खुला रहता है। इस मंदिर में कोई भी आ जा सकता है और किसी तरह की कोई फीस नहीं ली जाती है। यह मंदिर सभी के लिए खुला रहता है और लोग बहुत ही आस्था के साथ इस मंदिर में आते है। यहाँ आने के बाद शांति की अनुभूति होती है क्योकि लोगो की बहुत अधिक भीड़ होने के बाद भी यहाँ पर किसी तरह का शोर शराबा नहीं होता है।

इस मंदिर में जाने के सबसे अच्छा समय अक्टूबर और फरवरी के महीनो के बीच आता है जब सर्दियों का मौसम होता है। यह अक्षरधाम मंदिर में घूमने जाने के लिए सबसे अच्छा समय है। जबकि गर्मियों के समय में तापमान ज्यादा होने के कारण इस मंदिर में घूमने के लिए उचित नहीं होता है। इस मंदिर के बाहर भी कई कैफ़े, रेस्टोरेंट और खाने पिने की बहुत सी जगह है। यहाँ पर आप राजस्थानी खाने का आनंद ले सकते है जिसमे दाल, बाटी और चूरमा सबसे ज्यादा प्रसिद्द है। इसके अलावा बाजरे की रोटी, मिर्ची बड़ा, कढ़ी, घेवर, गजक आदि भी बहुत ही प्रसिद्द है। अक्षरधाम मंदिर जयपुर के वैशाली नगर में स्थित है जो जयपुर की प्रसिद्द सिटी में से एक है। यहाँ पर हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध है। यहाँ पर बड़ी सड़के, शॉपिंग मॉल, सिनेमा, होटल आदि सभी मौजूद है। जयपुर घूमने आने वालो को एक बार जरूर अक्षरधाम मंदिर घूमना चाहिए।

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